मेक्सिको के स्टेडियो मॉन्टेरी में शनिवार को खेला गया मैच फुटबॉल इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा. यह फीफा वर्ल्ड कप का 1000वां मैच था और जापान ने इस खास मौके पर ट्यूनीशिया को 4-0 से रौंदकर नॉकआउट चरण के बेहद करीब पहुंचने का दावा पेश किया.
मैच शुरू होते ही जापान ने अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी. सिर्फ चौथे मिनट में दाइची कामादा ने केइतो नाकामुरा के क्रॉस पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया. इस शुरुआती गोल से ट्यूनीशिया दबाव में आ गई और उसकी रक्षापंक्ति बिखरने लगी. 30वें मिनट में अयासे उएदा ने बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया. हाफ टाइम तक जापान पूरी तरह मैच पर हावी हो चुका था और ट्यूनीशिया के खिलाड़ी बस गेंद का पीछा करते नजर आए.
ब्रेक के बाद जापान ने समझदारी से खेल को नियंत्रित किया और अपने हमलों की धार बनाए रखी. 69वें मिनट में उएदा ने शानदार पास देकर जुन्या इतो को मौका दिया, जिन्होंने आसानी से गेंद गोल में डाल दी और स्कोर 3-0 कर दिया. इसके बाद उएदा ने एक ऊंचे क्रॉस पर हेडर लगाकर अपना दूसरा गोल भी पूरा किया. इसी गोल के साथ जापान वर्ल्ड कप के एक मैच में चार गोल करने वाली पहली एशियाई टीम बन गई. उएदा कोडी गाक्पो के बाद इस टूर्नामेंट में ब्रेस और असिस्ट दोनों करने वाले दूसरे खिलाड़ी बने.
इस हार के साथ ट्यूनीशिया वर्ल्ड कप से बाहर होने वाली तीसरी टीम बन गई, जो हैती और तुर्की की सूची में शामिल हो गई. नए कोच हर्वे रेनार्ड की अगुवाई में टीम स्वीडन से 5-1 की हार के बाद इस मुकाबले में भी संभल नहीं पाई. दूसरी ओर, जापान अब ग्रुप F में नीदरलैंड्स के बराबर चार अंकों पर पहुंच गया है. जापान का अगला मुकाबला 26 जून को स्वीडन से होगा, जो यह तय करेगा कि नॉकआउट चरण में सीधे जगह किसे मिलेगी.