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India Daily

ICC Womens World Cup 2025: मंधाना-शेफाली ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप की हिस्ट्री में भारतीय पुरुष क्रिकेटर भी नहीं कर पाए ये काम

स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा ने इतिहास रचते हुए वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच में भारत की ओर से अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी की. दोनों ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 104 रनों की शानदार पार्टनरशिप की.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
ICC Womens World Cup 2025: मंधाना-शेफाली ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप की हिस्ट्री में भारतीय पुरुष क्रिकेटर भी नहीं कर पाए ये काम
Courtesy: @Thewomencricke1

मुंबई: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दो धुरंधर बल्लेबाजों, स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा ने शुक्रवार को वो कर दिखाया जो आज तक भारतीय क्रिकेट में कोई नहीं कर सका. मुंबई में खेले जा रहे महिला वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में दोनों ने मिलकर 104 रनों की साझेदारी कर भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय लिख दिया.

बारिश से बाधित मैच में साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी, लेकिन भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दी.

मजबूत शुरुआत से मिला आत्मविश्वास

वर्ल्ड कप फाइनल जैसे अहम मुकाबले में टीम को मजबूत शुरुआत की जरूरत होती है, और स्मृति-शैफाली की जोड़ी ने वही किया. दोनों ने 17.4 ओवरों में 104 रन जोड़कर विपक्षी गेंदबाजों को बेअसर कर दिया. साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वूल्वार्ड्ट शुरुआती विकेट की उम्मीद में थीं, लेकिन मंधाना और वर्मा ने हर योजना को नाकाम कर दिया. इस साझेदारी ने न सिर्फ टीम को बढ़त दी, बल्कि विरोधियों पर भी दबाव बढ़ा दिया.

भारतीय क्रिकेट में पहली बार नॉकआउट में सैकड़ा साझेदारी

भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह पहली बार हुआ जब किसी भी नॉकआउट वर्ल्ड कप मैच में भारतीय ओपनरों ने 100 से अधिक रनों की साझेदारी की हो, चाहे वो महिला क्रिकेट हो या पुरुष. इससे पहले महिलाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग स्टैंड 20 रनों का था, जो एस. हरिकृष्णा और पूर्णिमा राउ के नाम था. मंधाना और शैफाली ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए भारतीय क्रिकेट को नया गौरव दिलाया है.

पुरुष क्रिकेट से भी आगे निकलीं

स्मृति-शैफाली की इस साझेदारी ने पुरुष क्रिकेट के रिकॉर्ड्स को भी पीछे छोड़ दिया है. पुरुषों में वर्ल्ड कप नॉकआउट में सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी 90 रनों की थी, जो नवजोत सिंह सिद्धू और सचिन तेंदुलकर ने 1996 में पाकिस्तान के खिलाफ की थी. अब मंधाना-शैफाली की 104 रन की साझेदारी इस रिकॉर्ड से आगे निकल चुकी है और भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे ऊंचे स्थान पर पहुंच गई है.

संयोग ने रच दिया इतिहास

दिलचस्प बात यह है कि यह जोड़ी टूर्नामेंट की शुरुआत में खेलने वाली नहीं थी. स्मृति के साथ पहले प्रातिका रावल ओपनिंग कर रही थीं, लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ मैच में उनके टखने में चोट लगने के बाद वह बाहर हो गईं. ऐसे में शैफाली वर्मा को मौका मिला. हालांकि वह सेमीफाइनल में खास प्रदर्शन नहीं कर सकीं, लेकिन फाइनल में उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और भारत के लिए इतिहास रच दिया.

महिला क्रिकेट में नई ऊंचाई

मंधाना और शैफाली की साझेदारी सिर्फ रन बनाने का मामला नहीं थी, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की नई सोच और आत्मविश्वास की मिसाल थी. दोनों ने दिखा दिया कि भारत अब किसी भी मंच पर पिछड़ने वाला नहीं. उनकी यह पारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी.