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क्या PBKS से श्रेयर अय्यर का हो गया मोहभंग, लगातार 6 हार के बाद पंजाब का दामन छोड़ेंगे सरपंच?

IPL में PBKS का सफर खत्म होने के बाद माना जा रहा है कि कप्तान श्रेयस अय्यर टीम के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं और अगले सीजन से पहले पंजाब किंग्स का दामन छोड़ सकते हैं. इन चर्चाओं ने फैंस के बीच हलचल बढ़ा दी है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
क्या PBKS से श्रेयर अय्यर का हो गया मोहभंग, लगातार 6 हार के बाद पंजाब का दामन छोड़ेंगे सरपंच?
Courtesy: X (@CricketCentrl)

नई दिल्ली: IPL 2026 में शानदार शुरुआत करने वाली पंजाब किंग्स आखिरकार प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई. टीम ने शुरुआती मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन किया जिसे लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि टीम इस सीजन अपना गेम अंक तालिका पहले या दूसरे पायदान पर खत्म करेगी, हालांकि ऐसा कुछ हो नहीं सका. 

सीजन के दूसरे हाफ में लगातार मिली हार ने पंजाब किंग्स के पूरे अभियान को बिगाड़ दिया. अब माना जा रहा है कि कप्तान श्रेयस अय्यर टीम के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं और अगले सीजन से पहले पंजाब किंग्स का दामन छोड़ सकते हैं. इन चर्चाओं ने फैंस के बीच हलचल बढ़ा दी है, क्योंकि अय्यर की ही कप्तानी में पिछले साल पंजाब किंग्स 2014 के बाद अपना दूसरा फाइनल खेली थी. 

क्या IPL 2027 से पहले ट्रेड होंगे अय्यर?

पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने जब इस  सीजन अपने अभियान की शुरुआत की थी तब टीम को ट्रॉफी का प्रबल दावेदार बताया जा रहा था. हालांकि टीम प्लेऑफ तक भी नहीं पहुंच सकी. दूसरे हाफ में लगातार 6 मैच हारने के बाद अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि  आईपीएल 2027 से पहले अय्यर को ट्रेड किया जा सकता है. क्योंकि कहा जा रहा है कि पंजाब के सरपंच अपनी टीम से प्रदर्शन से खुश नहीं है. 

MI को कप्तान की तलाश

PBKS और MI के प्लेऑफ से बाहर होने के बाद अब ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि मुंबई इंडियंस श्रेयस अय्यर को अपनी टीम में शामिल करने की तैयारी कर सकती है. माना जा रहा है कि मुंबई को अब एक मजबूत कप्तान की आवश्यकता है. इसके साथ ही टीम को बल्लेबाजी में नंबर तीन की समस्या को भी खत्म करना है. ऐसे में श्रेयस उनके लिए बड़ा विकल्प बन सकते हैं. क्योंकि जब से हार्दिक पांड्या टीम के कप्तान बने हैं तब से टीम का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. 

क्यों बिगड़ा पंजाब किंग्स का सीजन?

बता दें पंजाब किंग्स ने IPL 2026 में शुरुआत शानदार की थी. टीम लंबे समय तक टॉप-4 की रेस में बनी रही. लेकिन लगातार छह हार ने उनकी प्लेऑफ की उम्मीदों को खत्म कर दिया. 

  1. गेंदबाजी का प्रदर्शन: डेथ ओवरों और शुरुआती पावरप्ले में गेंदबाज रन रोकने व विकेट चटकाने में नाकाम रहे, जिसके चलते विरोधी टीमों ने बड़े लक्ष्य आसानी से हासिल किए।
  2. खराब फील्डिंग: महत्वपूर्ण मैचों में लचर फील्डिंग के कारण टीम ने कई कैच छोड़े। इसका खामियाजा उन्हें करीबी मुकाबलों में हार के रूप में भुगतना पड़ा।
  3. ओपनर्स पर अत्यधिक निर्भरता: शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के लगातार फ्लॉप होने से मध्यक्रम पर दबाव बढ़ गया, जिसके कारण टीम कई बार बड़ा स्कोर बनाने से चूक गई.

हालांकि सीजन के आखिरी मुकाबले में श्रेयस अय्यर ने शानदार शतक लगाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. टीम 14 मैचों में 15 अंक लेकर पांचवें स्थान पर रही.

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