पेरिस से भारतीय ओलंपिक दल वापस लौटने वाला है. दल की वापसी मंगलवार (13 अगस्त) होगी. मगर इस दिन स्टार रेसलर विनेश फोगाट घर नहीं लौटेंगीं. विनेश 14 अगस्त को भारत लौट सकती हैं. भारत की दिग्गज रेसलर विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक में दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल मुकाबले से पहले अयोग्य करार दी गईं. महिलाओं की 50 किलोग्राम कैटेगरी में तय वजन से 100 ग्राम ज्यादा पाए जाने पर विनेश फोगाट को ओलंपिक से बाहर कर दिया गया था.
फैसले के खिलाफ विनेश फोगाट ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS) में अपील की थी. इस मामले में शुक्रवार 9 अगस्त को ओलंपिक गेम्स के लिए पेरिस में ही बनी CAS एड-हॉक डिवीजन में सुनवाई हुई थी. करीब 3 घंटे की इस सुनवाई में विनेश के वकीलों ने अपना पक्ष रखा था. अब पूरे देश को फैसले का इंतजार है. यदि फैसला विनेश के पक्ष में आता है, तो उन्हें संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल मिलेगा.
पेरिस ओलंपिक में 100 ग्राम वजन कम करने से चूकने के कारण अयोग्य ठहराए जाने के खिलाफ विनेश फोगाट की अपील का मंगलवार को समाधान हो जाएगा, क्योंकि खेल पंचाट न्यायालय (सीएएस) सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाने के लिए तैयार है.
पिछले मंगलवार को जापान की कुश्ती की दिग्गज युई सुसाकी पर शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करने के बाद विनेश महिलाओं की 50 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गई थीं. लेकिन मुकाबले के दूसरे दिन, उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका की अंतिम विजेता सारा हिल्डेब्रांट के खिलाफ स्वर्ण पदक मुकाबले से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया.
विनेश फोगाट ने यूडब्ल्यूडब्ल्यू के फैसले के खिलाफ अपील की और दलील दी कि उन्हें क्यूबा की पहलवान युस्नेलिस गुज़मैन लोपेज़ के साथ संयुक्त रजत पदक दिया जाना चाहिए, जो विनेश से हार गई थीं. अयोग्य घोषित होने के एक दिन बाद, विनेश ने खेल से संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि उनमें आगे खेलने की ताकत नहीं है. दुनिया भर के खेल दिग्गजों ने 29 वर्षीय पहलवान का समर्थन किया, जो अपने तीसरे ओलंपिक खेलों में भाग ले रही थीं.