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India Daily

'भारत में ड्रग्स लेकर आते थे शोएब अख्तर-आसिफ', ISI के लिए करते थे काम; गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी का बड़ा खुलासा

गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी आरवीएस मणि ने दावा किया है कि 2006-07 के दौरान भारत आने वाले पाकिस्तानी क्रिकेट दल के कुछ सदस्य ड्रग्स लेकर आते थे.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
'भारत में ड्रग्स लेकर आते थे शोएब अख्तर-आसिफ', ISI के लिए करते थे काम; गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी का बड़ा खुलासा
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भारत के पूर्व गृह मंत्रालय अधिकारी आरवीएस मणि के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की क्रिकेट टीम के कुछ खिलाड़ी भारत दौरे के दौरान कथित तौर पर ड्रग्स की तस्करी करते थे.

पूर्व अधिकारी का बड़ा दावा

केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने एक बातचीत के दौरान कहा कि 2006-07 के समय भारत आने वाले पाकिस्तानी क्रिकेट दल और अन्य प्रतिनिधिमंडलों के कुछ सदस्य कथित तौर पर ड्रग्स लेकर आते थे. उन्होंने दावा किया कि पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ का नाम भी इस मामले में सामने आया था. मणि के अनुसार, यह मामला केवल व्यक्तिगत इस्तेमाल तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क होने की आशंका थी. उन्होंने यह भी कहा कि उस समय सुरक्षा एजेंसियों के पास इस तरह की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मौजूद थी और कई रिपोर्ट संबंधित विभागों तक पहुंचाई गई थीं.

आतंकवाद की फंडिंग से जोड़ा मामला

आरवीएस मणि ने अपने बयान में कहा कि ड्रग्स की तस्करी को केवल अपराध नहीं, बल्कि सुरक्षा का बड़ा मुद्दा माना जाता था. उनके मुताबिक, उस समय यह आकलन किया जाता था कि आतंकवाद की फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा ड्रग्स तस्करी से आता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान से जुड़े कुछ नेटवर्क इस रास्ते का इस्तेमाल करते थे. मणि ने कहा कि गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखती थीं. उन्होंने यह भी कहा कि खुफिया एजेंसियों का काम जानकारी देना होता है, जबकि आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होती है.

दावों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं

पूर्व अधिकारी के इन आरोपों के बाद चर्चा तेज हो गई है लेकिन अभी तक इन दावों पर संबंधित खिलाड़ियों या पाकिस्तान क्रिकेट से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मणि ने अपने बयान में 2007 में पाकिस्तान टीम के तत्कालीन कोच बॉब वूल्मर की मौत का भी जिक्र किया, हालांकि उन्होंने केवल घटनाओं का संदर्भ दिया. उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि किसी सरकारी एजेंसी की ओर से नहीं की गई है. ऐसे में यह मामला एक बड़े दावे के रूप में सामने आया है, जिस पर आधिकारिक पक्ष का इंतजार किया जा रहा है. आने वाले समय में यदि इस पर कोई नया बयान या जांच सामने आती है, तो तस्वीर और साफ हो सकती है.