इंग्लैंड दौरे पर भारतीय पुरुष टीम ने टी20 सीरीज में 4-0 की हार से पूरे देश की नाक कटा दी थी. अब वहां भारतीय महिला टीम ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर बड़ी जीत दर्ज कर देश की लाज बचाई है. बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में दमदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया ने इंग्लैंड को एकतरफा मुकाबले में मात दी.
भारतीय महिला टीम ने दूसरी पारी में सात विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित की और इंग्लैंड के सामने 457 रन का बड़ा लक्ष्य रखा. विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने शानदार 113 रन बनाए. यह उनके टेस्ट करियर का पहला शतक रहा और इसी के साथ उन्होंने लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया. स्मृति मंधाना ने 70 रन की अहम पारी खेली. वहीं ऋचा घोष ने नाबाद 50 रन बनाकर टीम की बढ़त को और मजबूत किया. इंग्लैंड की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने दूसरी पारी में पांच विकेट जरूर लिए लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने पूरे मैच में दबाव बनाए रखा और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया.
457 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही. तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहले ही ओवर में टैमी ब्यूमोंट को बिना खाता खोले आउट कर दिया. इसके बाद उन्होंने हीदर नाइट का विकेट भी लिया. स्नेह राणा ने चार विकेट लेकर इंग्लैंड की उम्मीदें खत्म कर दीं. वहीं क्रांति गौड़, दीप्ति शर्मा और सयाली सतघरे ने दो-दो विकेट हासिल किए. इंग्लैंड की ओर से एमी जोन्स ने 54 और सोफी एक्लेस्टोन ने 50 रन बनाए लेकिन बाकी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके. पूरी टीम 186 रन पर सिमट गई और भारत ने 270 रन के बड़े अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया.
यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए बेहद खास रही. पहली पारी में पांच विकेट लेकर क्रांति गौड़ ने ऑनर बोर्ड पर जगह बनाई थी. वहीं दूसरी पारी में यास्तिका भाटिया ने शतक लगाकर यह सम्मान हासिल किया. लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर भारत का यह प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा. पुरुष टीम की हालिया हार के बीच महिला खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाकर भारतीय क्रिकेट को नई उम्मीद दी. कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम ने साबित कर दिया कि वह विदेशी परिस्थितियों में भी बड़ी टीमों को हराने का दम रखती है.