इंग्लैंड ने भारतीय टीम को जो जख्म दिया हैं उसे भारत शायद ही कभी भूल पाए. पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारत को 4-0 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. जिसके बाद अब टीम मैनेजमेंट आत्ममंथन में जुटी हुई है. अब टीम में खिलाड़ियों के चयन को लेकर नई बहस शुरु हो गई है.
सबसे ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर हो रही है. कई क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि उन्हें इतनी जल्दी नेशनल टीम में शामिल करना सही नहीं था. वहीं दूसरी ओर कई पूर्व खिलाड़ी इसे भविष्य को ध्यान में रखकर उठाया गया अहम कदम बता रहे हैं. ऐसे में सवाल यही है कि क्या यह फैसला वास्तव में जल्दबाजी में लिया गया था.
दरअसल इंग्लैंड दौरे में टीम की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी. इसके बाद चयन समिति के फैसलों पर भी सवाल उठने लगे. IPL में अपने बल्ले से शोर मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन इंटरनेशनल क्रिकेट में निराशाजनक रहा. इंटरनेशनल मैचों का दबाव घरेलू मुकाबलों से बिल्कुल अलग होता है, जिसे सूर्यवंशी झेल नहीं पाए. इसी वजह से उनके चयन पर अलग-अलग राय सामने आ रही है.
IPL 2026 में अपने बल्ले से दुनिया भर के दिग्गजों को अपनी बल्लेबाजी का मुरीद करने वाले वैभव सूर्यवंशी का बल्ला इंग्लैंड की सरजमीं पर खामोश रहा. दूसरे ही IPL में ऑरेंज कैप होल्डर रहे वैभव इंग्लैंड ने खिलाफ महज तीन मैचों में 42 रन (15, 13, 24) ही बना सके. केवल फैंस ही नहीं बल्कि वैभव खुद भी अपने प्रदर्शन से काफी नराश थे. वैभव किसी भी मैच में 30 का आंक़ड़ा भी पार नहीं कर पाए.
हालांकि क्रिकेट में कई बड़े खिलाड़ियों की शुरुआत भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी. शुरुआती असफलता किसी खिलाड़ी की क्षमता का अंतिम पैमाना नहीं होती. लगातार अवसर, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास मिलने पर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं. इसलिए वैभव सूर्यवंशी का मूल्यांकन केवल उनगके इस प्रदर्शन पर करना उचित नहीं होगा.
अब सभी की नजर वैभव सूर्यवंशी के अगले अवसर पर रहेगी. अगर उन्हें फिर मौका मिलता है तो वह अपने प्रदर्शन से आलोचनाओं का जवाब देने की कोशिश करेंगे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वैभव का नाम जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में भी है.