नई दिल्ली: पाकिस्तान के T20 वर्ल्ड कप से हटने की अटकलें सिर्फ एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं हैं. इसके दूरगामी नतीजे पाकिस्तान क्रिकेट के पूरे ढांचे को हिला सकते हैं.
ICC के नियमों के तहत ऐसा फैसला द्विपक्षीय सीरीज, एशिया कप, पाकिस्तान सुपर लीग और बोर्ड की आय पर सीधा असर डाल सकता है. यह स्थिति खिलाड़ियों, प्रशंसकों और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड सभी के लिए चिंता बढ़ाने वाली है.
वर्ल्ड कप से हटने की स्थिति में पाकिस्तान को अन्य देशों के साथ होने वाली सभी द्विपक्षीय सीरीज से हाथ धोना पड़ सकता है. इसमें टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट शामिल हैं. इससे टीम को मैच अभ्यास नहीं मिलेगा, रैंकिंग अंक घटेंगे और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने का मौका नहीं मिलेगा.
ICC विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान सुपर लीग खेलने के लिए NOC देने से मना कर सकता है. इससे PSL में बड़े अंतरराष्ट्रीय सितारे नहीं आ पाएंगे. लीग की प्रतिस्पर्धा कमजोर होगी, दर्शकों की रुचि घटेगी और प्रसारण अधिकारों की कीमत भी कम हो सकती है.
पाकिस्तान को एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से भी बाहर किया जा सकता है. इसका मतलब भारत जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ हाई-वोल्टेज मुकाबलों का नुकसान होगा. इससे व्यूअरशिप घटेगी और बोर्ड की आय पर सीधा असर पड़ेगा.
T20 वर्ल्ड कप से हटने पर पाकिस्तान को लगभग 5 लाख अमेरिकी डॉलर की ICC भागीदारी फीस नहीं मिलेगी. यह तुरंत होने वाला आर्थिक नुकसान है, जो PCB के पहले से कमजोर चल रहे बजट को और कमजोर कर सकता है.
वर्ल्ड कप से दूरी बनाने पर PCB को ICC की सालाना आय में मिलने वाला हिस्सा भी खोना पड़ सकता है. और साथ ही कई स्पॉन्सर पीछे हट सकते हैं. इससे भविष्य की योजनाएं, खिलाड़ी विकास और घरेलू क्रिकेट की संरचना प्रभावित हो सकती है.
आपको बता दें कि टी20 विश्व कप शुरू होने में काफी कम समय बचा है, लेकिन टूर्नामेंट में खेलने को लेकर पाकिस्तान की ओर से असमंजस की स्थिति बनी हुई है. आईसीसी ने पिछले सप्ताह बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था, क्योंकि उसने भारत में खेलने से इनकार कर दिया था. इसी फैसले के बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने की बात कही. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटने पर भी विचार कर रहा है.