नई दिल्ली: टी20 विश्व कप से पहले पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़ी स्थिति ने एक दिलचस्प मोड़ ले लिया है. टूर्नामेंट का आगाज चंद दिनो में होने वाला है. लेकिन उससे पहले अब पाकिस्तान के विश्व कप में हिस्सा लेने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. हालांकि पाक टीम की घोषणा हो चुकी है, खिलाड़ी तैयारी में भी जुटे हैं, लेकिन फिर भी यह तय नहीं है कि पाकिस्तान वास्तव में टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा या नहीं.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने साफ कर दिया है कि टीम का चयन अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि असली निर्णय सरकार की सलाह के बाद ही लिया जाएगा. इस असमंजस ने क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच नई बहस छेड़ दी है.
बता दें टी20 विश्व कप के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी 15 सदस्यीय टीम की ऐलान कर दिया है. लेकिन टीम घोषित होने के तुरंत बाद पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने लाहौर में खिलाड़ियों और मुख्य कोच माइक हेसन के साथ अहम बैठक की. इस बैठक का उद्देश्य केवल टीम को प्रेरित करना नहीं था, बल्कि उन्हें मौजूदा हालात और बोर्ड की नीति से अवगत कराना भी था. पीसीबी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान की भागीदारी पूरी तरह सरकार के रुख पर निर्भर करेगी.
मोहसिन नकवी ने खिलाड़ियों को बताया कि बोर्ड किसी भी तरह का अंतिम फैसला अपने स्तर पर नहीं ले रहा है. उन्होंने दोहराया कि सरकार जैसी सलाह देगी, पीसीबी उसी के अनुसार कदम उठाएगा. चाहे वह विश्व कप में हिस्सा लेने का निर्णय हो या फिर टूर्नामेंट से दूर रहने का, बोर्ड सरकार के निर्देशों का पालन करेगा.
बैठक के दौरान नकवी ने आईसीसी के उस फैसले की भी जानकारी दी, जिसमें सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया. बताया गया कि भारत यात्रा को लेकर सुरक्षा चिंताओं के चलते यह बदलाव किया गया.
इस बैठक में खिलाड़ियों ने बोर्ड और सरकार के फैसले पर पूरा भरोसा जताया. खिलाड़ियों ने एक स्वर में कहा कि जो भी निर्णय लिया जाएगा, वे उसके साथ खड़े रहेंगे. यहां तक कि अगर सरकार विश्व कप से हटने का भी फैसला लेती है, तो खिलाड़ी उसे भी स्वीकार करने के लिए तैयार हैं.