नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट जगत में हाल ही में एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला सामने आया, जब बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से बाहर कर दिया गया. इस फैसले ने न सिर्फ क्रिकेट फैंस को हैरान किया, बल्कि IPL फ्रेंचाइजी और क्रिकेट बोर्ड के अंदरूनी कामकाज पर भी सवाल खड़े कर दिए.
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि BCCI ने इस फैसले के लिए कोई औपचारिक बैठक नहीं की. न ही IPL गवर्निंग काउंसिल के सभी सदस्यों से राय ली गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई अधिकारियों को इस फैसले की जानकारी मीडिया के जरिए मिली.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी बताया गया कि बोर्ड के अंदर इस मुद्दे पर न तो चर्चा हुई और न ही किसी तरह का सुझाव मांगा गया. फैसला सीधे शीर्ष स्तर से लिया गया.
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने साफ शब्दों में बताया कि बोर्ड ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया. KKR ने हाल ही में हुए मिनी ऑक्शन में मुस्तफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था, जहां चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के साथ कड़ी बोली लगी थी.
पिछले कुछ दिनों में बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं के कारण भारत में गुस्सा देखने को मिला. इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर KKR और उसके सह-मालिक शाहरुख खान के खिलाफ भी विरोध बढ़ा. इसी बढ़ते दबाव के बीच BCCI ने हस्तक्षेप करते हुए यह बड़ा कदम उठाया और फ्रेंचाइजी को खिलाड़ी को रिलीज करने के लिए कहा.
BCCI के इस फैसले के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भी सख्त रुख अपनाया. BCB ने ICC को पत्र लिखकर भारत में होने वाले T20 वर्ल्ड कप मैचों को किसी अन्य देश में कराने की मांग की. इतना ही नहीं बांग्लादेश सरकार ने देश में IPL के प्रसारण पर रोक लगाने का आदेश भी जारी कर दिया.
बांग्लादेश के अंतरिम सरकार में खेल मामलों के सलाहकार आसिफ नजरुल ने कहा कि बांग्लादेश सरकार किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी के अपमान को स्वीकार नहीं करेगी. यह बयान साफ तौर पर इस फैसले के विरोध में माना जा रहा है.