Mohammed Shami: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के बीच फिटनेस को लेकर चल रहा विवाद सुर्खियों में है. रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे शमी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी एकदिवसीय सीरीज से बाहर किए जाने पर नाराजगी जाहिर की है. दूसरी ओर, अगरकर ने उनके फिटनेस स्तर पर सवाल उठाते हुए कहा कि शमी पिछले छह से आठ महीनों में पूरी तरह फिट नहीं थे, जिसके चलते उन्हें इंग्लैंड और अब ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए नहीं चुना गया.
मोहम्मद शमी ने उत्तराखंड के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मुकाबले में बंगाल के लिए शानदार प्रदर्शन किया. उनकी गति और सटीकता ने एक बार फिर साबित किया कि वह भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में से एक हैं. शमी ने मैच की पहली पारी में 14.5 ओवर गेंदबाजी की और 37 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए. खास बात ये रही कि उन्होंने ये 3 विकेट सिर्फ 4 गेंदों में लिए. दरअसल, उन्होंने अपने 15वें ओवर की दूसरी गेंद पर पहली सफलता हासिल की और फिल तीसरे-पांचवीं गेंद पर भी सफलता हासिल की.
इस प्रदर्शन के बाद शमी ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी फिटनेस पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा, “अगर मैं रणजी ट्रॉफी जैसे लंबे प्रारूप में गेंदबाजी कर सकता हूं, तो 50 ओवर के क्रिकेट में भी पूरी तरह सक्षम हूं. मेरी फिटनेस को लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए. ”
शमी की फिटनेस पर सवाल
शुक्रवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने शमी की अनुपस्थिति का कारण उनकी फिटनेस बताया. उन्होंने कहा, “पिछले छह से आठ महीनों में शमी की सामान्य मैच फिटनेस पर हमें कोई स्पष्ट अपडेट नहीं मिला. इंग्लैंड दौरे के लिए भी वह पूरी तरह फिट नहीं थे. अगर वह आज यहां होते, तो मैं उनसे सीधे जवाब मांगता. हमारे पास शमी जैसा गेंदबाज क्यों नहीं है, अगर वह पूरी तरह फिट हैं?” अगरकर ने यह भी कहा कि उन्होंने शमी से कई बार बात की, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर संदेह बना रहा.
शमी का पलटवार: ‘मैं तैयार हूं’
शमी ने अगरकर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. रणजी ट्रॉफी मैच से पहले उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि चयनकर्ताओं का यह दावा गलत है कि उनकी फिटनेस पर कोई अपडेट नहीं है. शमी ने जोर देकर कहा कि वह न केवल घरेलू क्रिकेट बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गेंदबाजी के लिए तैयार हैं. उनके इस बयान ने क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ दी है कि क्या चयन समिति ने शमी के साथ उचित व्यवहार किया.