नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसी क्रम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) ने अपने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है. इस सूची में कुल 12 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं. पार्टी प्रमुख बदरुद्दीन अजमल इस बार बिन्नाकांडी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे.
AIUDF की ओर से जारी दूसरी सूची के साथ ही अब तक कुल 21 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं. इससे पहले पार्टी ने 9 मार्च को पहली सूची जारी की थी, जिसमें 9 उम्मीदवारों के नाम सामने आए थे. दूसरी सूची में जहां अधिकांश टिकट मुस्लिम उम्मीदवारों को दिए गए हैं. वहीं, चार हिंदू प्रत्याशियों को भी मौका दिया गया है.
इनमें गोलकगंज सीट से जमशेर तालुकदार, बिजनी से मुसुखा बसुमतारी, राहा (एससी) से मुकुट दास और राम कृष्ण नगर (एससी) से डॉ. अनूप दास तालुकदार को उम्मीदवार बनाया गया है. पार्टी का कहना है कि वह सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन कर रही है.
असम | ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) ने विधानसभा चुनाव-2026 के लिए उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। AIUDF चीफ बदरुद्दीन अजमल बिन्नाकांडी सीट से चुनाव लड़ेंगे।
असम में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी और वोटों की गिनती 4 मई, 2026 को होगी। pic.twitter.com/7rA4Pqhn57— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 17, 2026Also Read
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असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 9 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि मतगणना 4 मई को होगी. ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं. इस बीच AIUDF के विधायक रफीकुल इस्लाम ने साफ किया है कि उनकी पार्टी राज्य में बीजेपी के खिलाफ बनने वाले किसी भी गठबंधन का समर्थन करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य की जनता मौजूदा सरकार से संतुष्ट नहीं है और बदलाव चाहती है.
रफीकुल इस्लाम ने पिछली कांग्रेस सरकार और वर्तमान बीजेपी नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे जनता की बुनियादी समस्याओं को दूर करने में विफल रही हैं. उन्होंने कहा कि अगर उनकी भागीदारी वाली सरकार बनती है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में धर्मनिरपेक्ष दलों को अधिक से अधिक सीटें जीतनी चाहिए ताकि एक मजबूत विकल्प तैयार हो सके. AIUDF ने संकेत दिया है कि यदि भाजपा विरोधी सरकार बनती है, तो वह उसमें सहयोग देने के लिए तैयार है.