अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का एकमात्र टेस्ट मैच काफी शानदार जा रहा है. भारत ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक अफगानिस्तान की आधी टीम को चलता कर दिया था. टीम दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट के नुकसान पर महज 113 रन ही बना पाई थी.
वैसे तो इस मैच में कई खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरी लेकिन इस मैच में डेब्यू करने वाले मानव सुथार ने अपने पहले ही मैच में तीन विकेट लेकर सबको अपनी प्रतिभा का मुरीद कर लिया है. दूसरे दिन मानव क्रीज पर बल्लेबाजी और गेंदबाजों ने दोनों करते दिखाई दिए.
दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद मानव का परिवार काफी भावुक नजर आया. उनके पिता अपने बेटे की इस उपलब्धि को देखकर बेहद खुश और भावुक दिखे.
मानव सुथार के पिता जगदीश सुथार के लिए उनके बेटे के क्रिकेट करियर का सबसे गौरवपूर्ण क्षण शनिवार को आया जब उन्होंने मानव को अपना पहला भारतीय टेस्ट कैप लेते हुए देखा. रविवार को जो प्रदर्शन हुआ, वह ऐसा था जिसे हर माता-पिता स्टैंड से देखना चाहते थे, लेकिन घबराहट और अंधविश्वास ने परिवार पर हावी हो गया.
राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के सेवानिवृत्त शारीरिक शिक्षा शिक्षक जगदीश सुथार अपनी पत्नी और बेटी मानसी के साथ अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के लिए मानव का टेस्ट डेब्यू देखने के लिए मुल्लनपुर गए थे. हालांकि, परिवार दूसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले ही घर लौट आया और बेटे की शानदार गेंदबाजी देखने से चूक गया.
पिता ने कहा कि, 'हां, मैं, मेरी पत्नी और मेरी बेटी मानसी उसका डेब्यू देखने आए थे. कल उसे टेस्ट कैप मिलते देखकर कैसा लगा, यह शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. हालांकि आज हम घर वापस आ गए क्योंकि स्टेडियम से उसे खेलते हुए देखने के कारण हम सब थोड़े घबराए हुए और अंधविश्वासी थे.'
पिता ने आगे बताया कि मानव को बचपन से ही हर आम बच्चे की तरह ही क्रिकेट से लगाव था. जब वह लगभग छह-सात साल का था, तब वह टेनिस और रबर की गेंद से खेलता था. जब वह लगभग 10-11 साल का था, तब मैंने उसे धीरज सर की अकादमी में दाखिला दिलाया. उसके बाद मैंने उससे बस इतना कहा, 'तुझे जो अच्छा लगे, तू कर, मेरा समर्थन हमेशा तेरे साथ रहेगा.'
मानव ने अपने डेब्यू मैच में अपनी काबिलियत साबित कर दी है. मानव ने अपने पहले ही मैच में अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया. उन्होंने 15.5 ओवर में 1.30 इकॉनमी से महज 21 रन खर्चे और मेहमान टीम के तीन विकेट चटके.