भारतीय क्रिकेट में एक और खिलाड़ी का इंटरनेशनल सफर खत्म हो गया है. विकेटकीपर-बल्लेबाज केएस भरत ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया. आंध्र प्रदेश से आने वाले भरत ने भारत के लिए सात टेस्ट मैच खेले और कई यादगार पल अपने नाम किए. उन्होंने हर मौके पर टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की. संन्यास की घोषणा के साथ उन्होंने अपने पूरे क्रिकेट सफर को याद किया.
केएस भरत ने अपने संन्यास संदेश में कहा कि भारत की जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा. उन्होंने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सफर आसान नहीं था. देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना उनके लिए गर्व की बात रही. भारतीय टीम का हिस्सा बनना उनके सपनों की सबसे बड़ी उपलब्धि थी.
32 वर्षीय भरत ने अपने परिवार को अपने करियर का सबसे बड़ा सहारा बताया. उन्होंने अपने माता-पिता और बहन का खास तौर पर जिक्र किया, जो हर मुश्किल दौर में उनके साथ खड़े रहे. इसके अलावा उन्होंने बीसीसीआई, आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन, अपने कोचों, मैनेजरों और टीम के साथियों का भी धन्यवाद किया. भरत ने कहा कि क्रिकेट में उनकी प्रगति के पीछे कई लोगों का योगदान रहा है. उन्होंने उन सभी लोगों को याद किया जिन्होंने उनके सफर को आसान बनाया और लगातार उनका हौसला बढ़ाया.
भरत ने अपने करियर में अहम भूमिका निभाने वाले कुछ बड़े नामों का भी जिक्र किया. उन्होंने विराट कोहली का धन्यवाद किया, जिन्होंने उन्हें आईपीएल में मौका दिया. वहीं रोहित शर्मा को याद करते हुए कहा कि उनकी कप्तानी में टेस्ट डेब्यू करना उनके लिए बेहद खास अनुभव था. इसके अलावा राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन को भी उन्होंने अपने करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया. द्रविड़ ने इंडिया ए टीम से लेकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने के रास्ते में उनका काफी मार्गदर्शन किया.