नई दिल्ली: भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है. वैभव महज 15 साल की उम्र में वो कारनामा कर रहे हैं जो बड़े-बड़े खिलाड़ी नहीं कर पाते हैं. सूर्यवंशी ने ट्राई सीरीज के फाइनल में श्रीलंका ए के खिलाफ ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने न सिर्फ मैच का रुख बदल दिया बल्कि विश्व क्रिकेट में भी नया इतिहास रच दिया है.
महज 15 साल की उम्र में वैभव ने लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक जड़ते हुए नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. उन्होंने केवल 11 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की और इस दौरान पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. वैभव की काबिलियत को देखते हुए ही उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है.
भारतीय टीम का भविष्य कहे जाने वाले वैभव सूर्यवंशी मौजूदा समय में अपने बल्ले से आग उगल रहे हैं. उन्होंने ट्राई सीरीज के फाइनल में पारी की शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया. उन्होंने अपनी पहली 11 गेंदों में 5 चौके और 5 छक्के लगाए. खास बात यह रही कि अर्धशतक तक पहुंचने के लिए उन्होंने एक भी रन दौड़कर नहीं लिया. केवल बाउंड्री की मदद से उन्होंने 50 रन पूरे किए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 450 से भी ज्यादा रहा, जो उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रमाण है.
फाइनल से पहले श्रीलंका ए के खिलाफ पिछले मुकाबले में वैभव एक विवाद का हिस्सा बने थे. मैदान पर हुई नोकझोंक के बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी और कई लोगों ने उन्हें बल्ले से जवाब देने की सलाह दी थी. युवा बल्लेबाज ने इस चुनौती को स्वीकार किया और फाइनल में उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों को आड़े हाथ लेते हुए आलोचकों को करारा जवाब दिया.
हालांकि वैभव अपने महज 6 रन पहले ही आउट हो गए. उन्होंने केवल 29 गेंदों पर 324 की स्ट्राइक रेट से 94 रन बनाए. इस दौरान वैभव के बल्ले से 10 चौके और 8 छक्के आए. उन्होंने केवल बाउंड्री से 48 रन बनाए.
वैभव सूर्यवंशी लगातार अपनी प्रतिभा से क्रिकेट जगत को प्रभावित कर रहे हैं. IPL 2026 में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई बड़े पुरस्कार अपने नाम किए थे. अब ट्राई नेशन सीरीज के फाइनल में विश्व रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने यह संकेत दे दिया है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है.