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Irfan Pathan Birthday: 21 साल की उम्र में लगाई हैट्रिक, वर्ल्ड कप फाइनल में बने भारत के हीरो; ऐसा रहा इरफान का सफर

इरफान पठान भारतीय क्रिकेट के शानदार ऑलराउंडरों में शामिल रहे हैं. 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ कराची टेस्ट के पहले ही ओवर में हैट्रिक लेकर उन्होंने इतिहास रचा था.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Irfan Pathan Birthday: 21 साल की उम्र में लगाई हैट्रिक, वर्ल्ड कप फाइनल में बने भारत के हीरो; ऐसा रहा इरफान का सफर
Courtesy: Pinterest

भारतीय क्रिकेट के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान आज अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं. 27 अक्टूबर 1984 को गुजरात के वडोदरा में जन्मे इरफान ने अपनी स्विंग गेंदबाजी से कम उम्र में ही क्रिकेट की दुनिया में खास पहचान बना ली थी. उनके करियर में कई शानदार प्रदर्शन रहे, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट में पहले ही ओवर में हैट्रिक और 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार गेंदबाजी सबसे यादगार रही.

इरफान पठान के करियर का सबसे चर्चित प्रदर्शन 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ कराची टेस्ट में देखने को मिला. भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. इसके बाद इरफान ने मैच के पहले ही ओवर में लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट लेकर इतिहास रच दिया.

भारत के पहले तेज गेंदबाज

उन्होंने ओवर की चौथी गेंद पर सलमान बट्ट, पांचवीं गेंद पर कप्तान यूनिस खान और छठी गेंद पर मोहम्मद यूसुफ को आउट किया. इस तरह इरफान टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बने. उनसे पहले हरभजन सिंह यह कारनामा कर चुके थे. इरफान भारत के पहले तेज गेंदबाज थे, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक ली थी. उस समय उनकी उम्र केवल 21 साल थी.

टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पाकिस्तान को दिया झटका

इरफान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2007 का टी20 वर्ल्ड कप भी शामिल है. भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए फाइनल में मुकाबला बेहद रोमांचक था. ऐसे दबाव वाले मैच में इरफान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में सिर्फ 16 रन देकर तीन विकेट हासिल किए.

उन्होंने शाहिद अफरीदी, पाकिस्तान के कप्तान शोएब मलिक और यासिर अराफात को अपना शिकार बनाया. उनकी गेंदबाजी ने पाकिस्तान की रन गति पर लगाम लगाई. भारत ने यह मुकाबला पांच रन से जीतकर पहली बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया.

फाइनल में शानदार प्रदर्शन के लिए इरफान पठान को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 10 विकेट हासिल किए. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में मिली इस ऐतिहासिक जीत में इरफान की भूमिका बेहद अहम रही.

मस्जिद के पास खेलते थे क्रिकेट

इरफान पठान का बचपन किसी बड़े क्रिकेटिंग परिवार में नहीं बीता था. उनका परिवार साधारण था और उनके पिता मस्जिद में मुअज्जिन थे. इरफान और उनके बड़े भाई यूसुफ पठान को बचपन से क्रिकेट का शौक था. दोनों भाई मस्जिद के पास मौजूद मैदान में क्रिकेट खेला करते थे.

इरफान ने अंडर-15 और अंडर-19 स्तर पर खेलने के बाद घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई. बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी और गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई. 2003 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया. इसके बाद 2004 में वनडे क्रिकेट में कदम रखा.

गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी दिखाया दम

इरफान सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्कि बल्ले से भी उपयोगी साबित हुए. उन्होंने निचले क्रम में कई अहम पारियां खेलीं और टेस्ट क्रिकेट में शतक भी लगाया. हालांकि, समय के साथ उनकी गेंदबाजी की धार और भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे.

चोटों और प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव का भी उनके करियर पर असर पड़ा. टीम में उनकी भूमिका को लेकर कई बदलाव हुए और वह लगातार अंदर-बाहर होते रहे. 2008 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी वापसी सीमित होती चली गई.

ऐसा रहा इरफान पठान का अंतरराष्ट्रीय करियर

इरफान पठान ने भारत के लिए तीनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला. उन्होंने 29 टेस्ट मैचों में 100 विकेट लेने के साथ 1105 रन बनाए. टेस्ट में उन्होंने सात बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया. वनडे क्रिकेट में इरफान ने 120 मैचों में 173 विकेट लिए और 1544 रन बनाए. उनके नाम वनडे में पांच अर्धशतक भी दर्ज हैं. टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 24 मैच खेलकर 28 विकेट हासिल किए और 172 रन बनाए.

कुल मिलाकर इरफान पठान ने भारत के लिए 173 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिसमें उन्होंने 301 विकेट और 2821 रन बनाए. पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट की ऐतिहासिक हैट्रिक और 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का प्रदर्शन उनके करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल है. यही प्रदर्शन उन्हें भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल करता है, जिन्हें प्रशंसक लंबे समय तक याद रखेंगे.