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India Daily

Para Asian Games 2026: भारत को मिले 2 गोल्ड मेडल, नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने रचा इतिहास!

पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है. बैडमिंटन में नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है.

Shilpa Shrivastava
Para Asian Games 2026: भारत को मिले 2 गोल्ड मेडल, नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने रचा इतिहास!
Courtesy: ChatGPT AI

नई दिल्ली: पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है. बैडमिंटन में नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है. नितेश ने पुरुष सिंगल्स के SL3 वर्ग में, जबकि नवीन ने SL4 वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इन दोनों जीत से भारतीय दल के पदकों की संख्या में इजाफा हुआ है.

नितेश कुमार ने फाइनल में प्रमोद भगत को हराया:

SL3 वर्ग के फाइनल में भारत के दो दिग्गज खिलाड़ी नितेश कुमार और प्रमोद भगत आमने-सामने थे. दोनों खिलाड़ी पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं. इस मुकाबले में नितेश ने शानदार खेल दिखाते हुए प्रमोद को सीधे दो गेम में 21-18, 21-16 से हराया.

जीत के बाद नितेश ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना उनके लिए बेहद खास है. उन्होंने बताया कि पिछले टूर्नामेंट में वह जीत के करीब पहुंचकर मुकाबला हार गए थे. इस बार प्रमोद भगत को दो गेम में हराकर गोल्ड जीतना उनके लिए यादगार पल है.

प्रमोद भगत को मिला सिल्वर मेडल:

प्रमोद भगत को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. उन्होंने कहा कि वह लगातार तीसरा एशियन गेम्स गोल्ड जीतने के इरादे से उतरे थे, लेकिन मुकाबले के दौरान उनके कुछ शॉट गलत हो गए और फैसले लेने में भी चूक हुई.

नवीन शिवकुमार ने 36 मिनट में जीता गोल्ड:

पुरुष सिंगल्स के SL4 वर्ग के फाइनल में नवीन शिवकुमार का मुकाबला इंडोनेशिया के फ्रेडी सेटियावान से हुआ. नवीन ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और 21-9, 21-17 से जीत दर्ज की. उन्होंने महज 36 मिनट में मुकाबला अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ नवीन ने भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाल दिया.

भारतीय खिलाड़ियों से बढ़ीं उम्मीदें:

नितेश और नवीन की जीत भारतीय दल के लिए बड़ी उपलब्धि है. बैडमिंटन में दोनों खिलाड़ियों ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा साबित की. अब भारतीय खेल प्रशंसकों की नजरें प्रतियोगिता के बाकी मुकाबलों पर हैं, जहां देश के खिलाड़ी और पदक जीतकर भारत की मेडल टेली को मजबूत कर सकते हैं.