भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उनका कहना है कि चोट से उबरने के बाद उन्हें भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद थी, क्योंकि तत्कालीन मुख्य कोच अनिल कुंबले और कप्तान विराट कोहली ने उन्हें फिट होने पर टीम में लौटने का भरोसा दिया था. हालांकि, मिश्रा के मुताबिक, पूरी तरह फिट होने के बाद जब उन्होंने कोहली से संपर्क किया, तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला.
अमित मिश्रा ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट 'बैठ एंड बोल' में यह अनुभव साझा किया. उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में इंग्लैंड के खिलाफ 2017 में खेले गए टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान उन्हें पैर में चोट लगी थी. यह मैच उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला साबित हुआ.
मिश्रा के मुताबिक, चोटिल होने के बाद जब वह टीम से अलग हो रहे थे, तब अनिल कुंबले भारतीय टीम के मुख्य कोच थे. कुंबले ने उन्हें चिंता नहीं करने और फिट होने के बाद टीम में वापसी की उम्मीद रखने को कहा था. मिश्रा को लगा कि चोट से उबरने के बाद उनके लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खुले रहेंगे.
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— Aakash Chopra (@cricketaakash) October 23, 2026
मिश्रा ने बताया कि बाद में विराट कोहली कप्तान बने, तो उन्होंने उनसे भी टीम में वापसी को लेकर बात की थी. मिश्रा के अनुसार, कोहली ने उन्हें पूरी तरह फिट होने और सहज महसूस करने तक समय लेने की सलाह दी थी. साथ ही भरोसा दिलाया था कि फिट होने पर वह टीम में वापसी कर सकते हैं.
इस आश्वासन के बाद मिश्रा को उम्मीद थी कि चोट से उबरते ही उन्हें दोबारा भारतीय टीम में खेलने का मौका मिलेगा. लेकिन उनके अनुसार, ऐसा नहीं हुआ.
पूर्व स्पिनर ने बताया कि पूरी तरह फिट होने के बाद उन्होंने कोहली से संपर्क कर टीम में वापसी की स्थिति जाननी चाही. मिश्रा के मुताबिक, कोहली ने उन्हें एक सप्ताह से 10 दिन के भीतर जानकारी देने की बात कही थी.
हालांकि, मिश्रा का दावा है कि एक सप्ताह से तीन सप्ताह तक इंतजार करने के बावजूद उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने कोहली को फोन किया, लेकिन कॉल नहीं उठाई गई. इसके बाद मैसेज भेजने पर भी उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.
मिश्रा ने कहा कि उन्होंने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जब कोई जवाब नहीं आया तो उन्होंने प्रयास करना छोड़ दिया. उनके मुताबिक, उस समय उन्हें लगा कि अगर कोई व्यक्ति आपको टीम में नहीं चाहता, तो आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते.
मिश्रा ने यह भी कहा कि कुछ दूसरे खिलाड़ी उनसे ज्यादा गंभीर चोटों से उबरने और लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद भारतीय टीम में लौटे थे. इसके बावजूद, उनके मामले में वैसा नहीं हुआ.
पूर्व स्पिनर ने निराशा जताते हुए कहा कि उन्हें आज तक इस बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. उनके बयान के मुताबिक, चोट के बाद उनकी वापसी की संभावनाएं बनी हुई थीं, लेकिन अंततः उन्हें दोबारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अवसर नहीं मिला.
मिश्रा के ये दावे उनके व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित हैं. भारतीय टीम में उनकी वापसी क्यों नहीं हुई और इस मामले में कोहली या टीम प्रबंधन का क्या पक्ष था, इसकी जानकारी इस बातचीत में सामने नहीं आई.