नई दिल्ली: आईपीएल 2026 सीजन की शुरुआत से ठीक पहले कर्नाटक की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है. कांग्रेस विधायक विजयानंद कशप्पानवर ने मांग की है कि सभी विधायकों को आईपीएल मैचों के लिए कम से कम पांच टिकट दिए जाए. उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि वीआईपी होते हैं और उन्हें आम लोगों की तरह लाइन में खड़ा नहीं होना चाहिए.
विजयनंद कशप्पनावर ने कहा कि कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन सरकार से कई सुविधाएं लेती है, लेकिन विधायकों को सम्मान नहीं देती. उन्होंने आरोप लगाया कि टिकटों की ऑनलाइन बिक्री में गड़बड़ी हो रही है और जनप्रतिनिधियों को उचित प्राथमिकता नहीं मिल रही. उनका कहना है कि विधायकों के लिए कम से कम पांच टिकट और अलग बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए.
इस मुद्दे को विपक्ष ने भी समर्थन दिया. बीजेपी नेता आर. अशोका ने विधानसभा में सवाल उठाते हुए कहा कि जब केएससीए को सरकारी जमीन सस्ती दर पर दी गई है, तो टिकटों की कीमत इतनी ज्यादा क्यों है. उन्होंने इसे आम जनता के साथ अन्याय बताया और पारदर्शिता की मांग की.
विधानसभा अध्यक्ष यू. टी. खादर ने सुझाव दिया कि सरकार इस मामले में केएससीए से बातचीत करे. वहीं, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाएगा और विधायकों की मांगों पर विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सुविधाएं मिलनी चाहिए.
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब आईपीएल का नया सीजन शुरू होने वाला है, जिसमें Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के बीच उद्घाटन मैच खेला जाएगा. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या खेल आयोजनों में राजनीतिक विशेषाधिकार को जगह मिलनी चाहिए.
इस बार बीसीसीआई ने भव्य ओपनिंग सेरेमनी करने से इनकार कर दिया है. बोर्ड ने यह फैसला पिछले साल बेंगलुरु में हुई भगदड़ की घटना में जान गंवाने वाले 11 लोगों के सम्मान में लिया है. बोर्ड उनकी श्रद्धांजली में आईपीएल 2026 के उद्घाटन समारोह को रद्द करने का निर्णय लिया है. पिछले साल आरसीबी के जीतने के बाद एम चिन्नास्वामी में अचानक भगदड़ मच गई थी जिस जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी. बोर्ड और आरसीबी अपने फैंस की मौत को अभी तक भुला नहीं पाई है.