Virender Sehwag: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और अब कमेंटेटर वीरेंद्र सहवाग ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक फैसले पर सवाल उठाए हैं. BCCI ने युवा खिलाड़ी दिग्वेश राठी को IPL के कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने के लिए एक मैच का बैन लगाया लेकिन सहवाग ने इसे सख्त और गलत बताया. उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली के पुराने वाकयों का जिक्र करते हुए BCCI के इस दोहरे रवैये पर नाराजगी जताई.
IPL 2025 के 61वें मैच में दिग्वेश राठी ने अभिषेक शर्मा के साथ बहस की थी. यह इस सीजन में उनकी तीसरी बार कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन की घटना थी. इसके चलते BCCI ने उन्हें एक मैच के लिए निलंबित कर दिया. लेकिन सहवाग को यह फैसला सही नहीं लगा.
सहवाग ने 2019 के IPL सीजन का एक वाकया याद दिलाया, जब धोनी मैदान पर अंपायरों से बहस करने के लिए अचानक घुस आए थे. उस समय अंपायरों ने एक नो-बॉल के फैसले को बदला था, जिससे धोनी नाराज हो गए थे. लेकिन धोनी को इस हरकत के लिए कोई सजा नहीं दी गई. इसके अलावा, सहवाग ने विराट कोहली का भी जिक्र किया, जिन्हें कई बार अंपायरों से तीखी बहस करते देखा गया, लेकिन उन्हें भी बैन नहीं किया गया.
सहवाग ने क्रिकबज पर बातचीत में कहा, "मुझे लगता है कि दिग्वेश पर बैन थोड़ा सख्त था. वह पहली बार IPL खेल रहा है. धोनी मैदान में घुसे थे, उन्हें बैन नहीं किया गया. कोहली ने भी कई बार अंपायरों से ऐसे बात की, लेकिन उन्हें सजा नहीं मिली. दिग्वेश एक नया खिलाड़ी है, उसे माफ किया जा सकता था."
BCCI के नियमों के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी एक सीजन में तीन बार कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ता है, तो उसे बैन का सामना करना पड़ सकता है. दिग्वेश ने इस सीजन में तीन बार नियम तोड़े और तीन डिमेरिट पॉइंट्स हासिल किए, जिसके चलते उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगा. दूसरी ओर, धोनी और कोहली ने अपने सीजन में ऐसा उल्लंघन बार-बार नहीं किया, इसलिए उन्हें बैन नहीं झेलना पड़ा.