उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ मंदिर में दान की रकम की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा है कि यह सिर्फ कानून का नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का भी मामला है, इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.
देहरादून में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बद्रीनाथ जैसे धार्मिक स्थल देश की आस्था और सनातन संस्कृति के बड़े केंद्र हैं. ऐसे स्थानों पर किसी भी तरह की चोरी या गड़बड़ी को हल्के में नहीं लिया जा सकता. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून अपना काम करेगा और जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई होगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. इसलिए इस मामले की जांच पूरी गंभीरता से कराई जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी.
#WATCH | Dehradun: On Badrinath Temple donations alleged theft case, Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami says, "Strict action will be taken in this matter as these are centres of Sanatan and devotion. The law will take its own course. A crime being committed at such a place is not… pic.twitter.com/VJdr6gajGr
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 13, 2026
बद्रीनाथ मंदिर में दान की रकम की कथित चोरी की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है. मंदिर में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बड़ी संख्या में दान भी करते हैं. ऐसे में दान की राशि से जुड़ी किसी भी तरह की गड़बड़ी लोगों की भावनाओं को प्रभावित करती है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक नुकसान का नहीं बल्कि धार्मिक विश्वास से जुड़ा हुआ है. उन्होंने अधिकारियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और सभी तथ्यों को सामने लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने दोहराया कि मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है और उसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा. सरकार चाहती है कि सभी धार्मिक स्थलों पर पारदर्शिता और सुरक्षा बनी रहे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे. मुख्यमंत्री का कहना है कि आस्था के स्थानों पर अपराध करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता और ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं दी जाएगी.