दतिया: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के बीच भाजपा की नामांकन रैली भावनात्मक पल की गवाह बनी. पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा मंच पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ पहुंचे, लेकिन संबोधन के दौरान खुद को संभाल नहीं सके और भावुक हो गए. टिकट नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने पार्टी नेतृत्व के फैसले को स्वीकार करते हुए भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में खुलकर प्रचार करने का संदेश दिया. इस दौरान कई राजनीतिक बयान भी चर्चा में रहे.
दतिया में आयोजित भाजपा की नामांकन सभा के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने अपने राजनीतिक सफर को याद किया. उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें 30 वर्षों तक विधायक और 15 वर्षों तक मंत्री बनने का अवसर दिया. इतना कहते ही उनका गला भर आया और कुछ पल के लिए वह भावुक हो गए. भाषण समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनका हाथ पकड़कर उनका हौसला बढ़ाया.
#WATCH | Madhya Pradesh: BJP leader Narottam Mishra gets emotional during the nomination rally of BJP candidate from Datia, Ashutosh Tiwari, ahead of the Datia by-elections. pic.twitter.com/TfkQ9TM7vO
— ANI (@ANI) July 13, 2026Also Read
दतिया उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा को टिकट मिलने की चर्चा थी, लेकिन भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया. मिश्रा ने साफ कहा कि वह पार्टी के फैसले का सम्मान करते हैं और पूरी ताकत से भाजपा प्रत्याशी के लिए काम करेंगे. उन्होंने समर्थकों से भी अपील की कि वे किसी तरह की नाराजगी न दिखाएं और संगठन के साथ मिलकर चुनाव लड़ें.
सभा को संबोधित करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस नेताओं पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि दतिया में सिद्धांतों और राजनीतिक सोच की लड़ाई है. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर कई सवाल उठाए और दावा किया कि भाजपा में किसी तरह का मतभेद नहीं है. साथ ही उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच से नरोत्तम मिश्रा की सार्वजनिक रूप से सराहना की. उन्होंने कहा कि आशुतोष तिवारी चुनाव में नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में आगे बढ़ेंगे. मुख्यमंत्री ने उन्हें अपना पुराना साथी बताते हुए कहा कि पार्टी उनके अनुभव और योगदान का पूरा सम्मान करती है. उनके इस बयान को कार्यकर्ताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है.
दतिया विधानसभा उपचुनाव अब भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. टिकट को लेकर शुरुआती नाराजगी के बाद नरोत्तम मिश्रा का खुलकर पार्टी के साथ खड़ा होना भाजपा के लिए राहत की खबर माना जा रहा है. आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार और नेताओं की सक्रियता इस मुकाबले को और दिलचस्प बना सकती है.