अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर के मंदिरों से चढ़ावे की चोरी के मामले की एसआईटी जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. ट्रस्ट ने आधिकारिक आवेदन पत्र जारी करते हुए योग्य उम्मीदवारों से 18 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए हैं. यह नियुक्ति राम मंदिर के प्रशासनिक संचालन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
ट्रस्ट की ओर से जारी सूचना के अनुसार इच्छुक उम्मीदवारों को अपना आवेदन 18 जुलाई की शाम चार बजे तक [[email protected]](mailto:[email protected]) पर ई-मेल के माध्यम से भेजना होगा. निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा. आवेदन पत्र ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सार्वजनिक किया है.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र (न्यास) श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए योग्य जनों से आवेदन आमंत्रित करता है
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 13, 2026
आवेदन की अंतिम तिथि: शनिवार १८ जुलाई २०२६; सायं ४ बजे
Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) invites applications from eligible… pic.twitter.com/PHa0MbT5kY
मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का 'सनातनी हिंदू' होना अनिवार्य रखा गया है. इसके साथ ही अभ्यर्थी का सक्रिय रूप से पूजा-पाठ करने वाला होना भी आवश्यक होगा. ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि वैष्णव परंपरा से जुड़े रामभक्त उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में वरीयता प्रदान की जाएगी.
इस पद के लिए उम्मीदवार की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है. साथ ही किसी बड़े सार्वजनिक संगठन, सरकारी विभाग, संस्थान या कंपनी में कम से कम 20 वर्षों तक प्रबंधकीय जिम्मेदारियां संभालने का अनुभव होना आवश्यक है. ट्रस्ट का मानना है कि इतने बड़े धार्मिक संस्थान के संचालन के लिए अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व की जरूरत है.
आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना चाहिए. मंदिर या किसी हिंदू धार्मिक संस्थान में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके सेवानिवृत्त अधिकारियों को चयन प्रक्रिया में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी. ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसे अनुभवी और धार्मिक मूल्यों से जुड़े प्रशासक का चयन करना है, जो राम मंदिर की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित कर सके.