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भारतीय मूल के खिलाड़ी निशान वेलुपिल्ले ने रचा इतिहास, फीफा विश्व कप में किया पदार्पण

फीफा विश्व कप 2026 में भारतीय मूल के एक खिलाड़ी ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर लाखों फुटबॉल प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. भारतीय मूल के विंगर निशान वेलुपिल्ले ने विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू किया.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
भारतीय मूल के खिलाड़ी निशान वेलुपिल्ले ने रचा इतिहास, फीफा विश्व कप में किया पदार्पण
Courtesy: X (@AusHCIndia)

फीफा विश्व कप 2026 में भारतीय मूल के एक खिलाड़ी ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर लाखों फुटबॉल प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. ऑस्ट्रेलिया के युवा विंगर निशान वेलुपिल्ले ने विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर डेब्यू करते हुए अपने करियर का एक यादगार अध्याय लिख दिया. उनकी टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए तुर्की को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट में जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की.

रविवार, 14 जून 2026 को खेले गए ग्रुप डी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में तुर्की को मात दी. 25 वर्षीय निशान वेलुपिल्ले 61वें मिनट में बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरे और मैच के अंतिम चरण में टीम की रक्षात्मक रणनीति को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप में अपनी स्थिति भी मजबूत कर ली.

कौन हैं निशान वेलुपिल्ले?

निशान वेलुपिल्ले भारतीय मूल से जुड़े ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉलर हैं. उनकी मां एंग्लो इंडियन पृष्ठभूमि से आती हैं. उन्होंने मेलबर्न विक्ट्री की अकादमी से फुटबॉल की बारीकियां सीखीं और अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय किया. वर्ष 2024 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पदार्पण किया था.

अंतरराष्ट्रीय करियर की शानदार शुरुआत

निशान का पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला चीन के खिलाफ विश्व कप क्वालीफायर में था. उस मैच में उन्होंने मैदान पर उतरने के महज सात मिनट बाद गोल कर अपनी छाप छोड़ दी थी. अब तक वे ऑस्ट्रेलिया के लिए आठ अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और तीन गोल भी कर चुके हैं. खास बात यह है कि उनके सभी गोल विश्व कप क्वालीफाइंग मुकाबलों में आए हैं.

ऑस्ट्रेलिया की दमदार जीत

तुर्की के खिलाफ मुकाबले में नेस्टोरी इरंकुंडा ने 27वें मिनट में पहला गोल किया, जबकि कॉनर मेटकाफ ने 75वें मिनट में दूसरा गोल दागकर जीत लगभग सुनिश्चित कर दी. तुर्की की टीम 24 साल बाद विश्व कप में लौटी थी, लेकिन वह अपने मौकों को गोल में बदलने में असफल रही. ऑस्ट्रेलिया की मजबूत रक्षा पंक्ति ने विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया.

आगे का सफर

ऑस्ट्रेलिया अब 20 जून को मेजबान अमेरिका से भिड़ेगा, जबकि 26 जून को उसका सामना पराग्वे से होगा. यदि टीम इन मुकाबलों में सकारात्मक परिणाम हासिल करती है, तो नॉकआउट चरण में पहुंचने की उसकी संभावनाएं काफी मजबूत हो जाएंगी. निशान वेलुपिल्ले का विश्व कप डेब्यू भी भारतीय मूल के खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणादायक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.