कंपाउंड आर्चरी के पुरुष टीम इवेंट के फाइनल में भारत और चीन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. साहिल जाधव, कुशल दलाल और थिरुमुरु गणेश मणि रत्नम की भारतीय तिकड़ी ने दबाव के बीच शानदार निशाना साधते हुए चीन की टीम को 238-237 से मात दी.
एक अंक के अंतर से मिली इस जीत के साथ भारतीय पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. यह एशियाई खेलों में भारत का 10वां गोल्ड मेडल रहा.
भारत ने इन एशियाई खेलों में कंपाउंड आर्चरी के अलग-अलग वर्गों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है. पुरुष टीम के अलावा महिला और मिक्स्ड टीम इवेंट में भी भारतीय तीरंदाजों ने स्वर्ण पदक हासिल किए हैं. इस प्रदर्शन से कंपाउंड आर्चरी में भारत की मजबूत स्थिति एक बार फिर सामने आई है. भारतीय तीरंदाजों ने अलग-अलग मुकाबलों में दबाव के बावजूद सटीक निशाने लगाए और पदक अपने नाम किए.
पुरुष टीम के फाइनल से पहले भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने भी चीन के खिलाफ स्वर्ण पदक मुकाबला खेला. प्रीथिका प्रदीप, ज्योति सुरेखा वेन्नम और चिकिता तनिपार्थी की टीम ने चीन को 238-234 से हराया. इस जीत के साथ भारत ने प्रतियोगिता में अपना 7वां स्वर्ण पदक हासिल किया था. भारतीय महिला टीम ने पूरे मुकाबले के दौरान लगातार बढ़त बनाए रखी और आखिर में चार अंकों के अंतर से जीत दर्ज की.
मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी फाइनल में भी भारत को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा. साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थी की जोड़ी ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल खेला. मुकाबला निर्धारित स्कोर के बाद शूट-ऑफ तक पहुंच गया. शूट-ऑफ में भारतीय जोड़ी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस तरह कंपाउंड आर्चरी के पुरुष, महिला और मिक्स्ड वर्ग में भारत ने शीर्ष स्थान हासिल कर प्रतियोगिता में अपने प्रदर्शन को और मजबूत किया.