दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में बुधवार को अचानक इमरजेंसी की स्थिति सामने आई. विमान ने उड़ान के दौरान 7700 इमरजेंसी स्क्वॉक कोड एक्टिव किया. इसके बाद विमान ने सऊदी अरब के ऊपर अपनी दिशा बदल दी. घटना के बाद संभावित सुरक्षा खतरे और हाईजैक की आशंका को लेकर हलचल बढ़ गई.
हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि विमान को वास्तव में हाईजैक किया गया था. शुरुआती रिपोर्टों में तकनीकी समस्या की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है. इसलिए घटना की वास्तविक वजह को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक फ्लाईदुबई के विमान ने 7700 कोड प्रसारित किया. एविएशन में 7700 एक सामान्य अंतरराष्ट्रीय emergency squawk code है, जिसका इस्तेमाल विमान में किसी गंभीर आपात स्थिति की जानकारी देने के लिए किया जाता है. यह कोड अपने आप में हाईजैक की पुष्टि नहीं करता. इमरजेंसी सिग्नल के बाद विमान ने अपने निर्धारित तेल अवीव रूट से हटकर सऊदी अरब के ऊपर दिशा बदलनी शुरू की.
घटना की सूचना के बाद इजरायली सुरक्षा एजेंसियों में भी हलचल बढ़ी. रिपोर्टों के अनुसार संभावित सुरक्षा घटना को देखते हुए इजरायली फाइटर जेट्स को विमान की ओर भेजा गया. हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि विमान में कोई तकनीकी समस्या हो सकती है. ऐसे में फाइटर जेट्स का scramble किया जाना जरूरी नहीं कि हाईजैक की पुष्टि माना जाए. दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट को सऊदी अरब के ऊपर से गुजरते समय दिशा बदलते देखा गया. बाद की रिपोर्टों में विमान के सऊदी अरब में उतरने की संभावना जताई गई थी और फ्लाइट को तबुक एयरपोर्ट के आसपास देखा गया. विमान के सुरक्षित रूप से लैंड करने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इमरजेंसी किस वजह से पैदा हुई और पायलट ने रास्ता क्यों बदला.
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर हाईजैक की पुष्टि नहीं हुई है. सोशल मीडिया और शुरुआती रिपोर्टों में हाईजैक की आशंका की चर्चा जरूर है, लेकिन 7700 कोड कई तरह की आपात परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जाता है. यानी विमान का इमरजेंसी सिग्नल भेजना और रास्ता बदलना एक वास्तविक घटना है, लेकिन इसे सीधे हाईजैक से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी.