भारत को बड़ा झटका लगा है. पिछले महीने जिस ऐतिहासिक रोइंग वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल का पूरे देश में जश्न मनाया गया था, अब वह भारत से वापस ले लिया जाएगा. टीम के एक खिलाड़ी के डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई है.
भारत की लाइटवेट डबल्स स्कल्स टीम के खिलाड़ी लक्ष्य और उज्ज्वल कुमार सिंह ने जून में स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न में आयोजित रोइंग वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 मिनट 26.09 सेकंड का समय निकाला था. इस प्रदर्शन के साथ भारत ने पहली बार रोइंग वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था. अब यह उपलब्धि रिकॉर्ड से हट जाएगी. रिपोर्ट के अनुसार, लक्ष्य के सैंपल में स्टैनोजोलोल नाम का प्रतिबंधित पदार्थ मिला है. यह सैंपल 25 मई को प्रतियोगिता से पहले आउट ऑफ कॉम्पिटिशन टेस्ट के दौरान लिया गया था. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है.
नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी ने लक्ष्य को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है और उन्हें आधिकारिक नोटिस भेजा है. नियमों के अनुसार, जिस तारीख को सैंपल लिया गया था, उसके बाद खिलाड़ी के सभी नतीजों को अमान्य माना जाएगा. इसी वजह से भारत का पहला रोइंग वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल भी वापस लिया जाएगा. फिलहाल लक्ष्य को अपनी बात रखने और जवाब देने का मौका दिया जाएग. अगर वह खुद को बेगुनाह साबित नहीं कर पाए, तो उन पर चार साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है.
यह मामला भारतीय रोइंग के लिए बड़ी निराशा माना जा रहा है. जिस जीत को देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया था, वही अब विवाद में आ गई है. इस घटना से खिलाड़ियों और खेल संघों के सामने डोपिंग नियमों को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है. आने वाले दिनों में जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और उसके बाद अंतिम फैसला सामने आएगा. फिलहाल भारत के रिकॉर्ड से पहला रोइंग वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल हटना तय माना जा रहा है.