भारत ने FIH Youth Hockey5s Asian Championship में शानदार प्रदर्शन करते हुए चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर खिताब जीत लिया. पूरी प्रतियोगिता में अजेय रही भारतीय टीम ने फाइनल में दमदार खेल दिखाया और गोल्ड मेडल के साथ पहले यूथ हॉकी5s वर्ल्ड कप का टिकट भी पक्का कर लिया.
फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही तेज़ खेल दिखाया. टीम ने गेंद पर शानदार नियंत्रण रखा और लगातार पाकिस्तान के डिफेंस पर दबाव बनाया. इसका फायदा पांचवें मिनट में मिला, जब रोमित पाल ने पहला गोल कर भारत को बढ़त दिलाई. पहले हाफ में भारतीय डिफेंस ने पाकिस्तान को कोई बड़ा मौका नहीं दिया. ब्रेक तक भारत 1-0 से आगे था. दूसरे हाफ की शुरुआत के साथ ही कप्तान केतन कुशवाहा ने 12वें मिनट में गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी. इसके एक मिनट बाद शाहरुख अली ने तीसरा गोल दागकर मैच लगभग भारत के नाम कर दिया.
3-0 से पीछे होने के बाद पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश की. 16वें मिनट में मुहम्मद उस्मान ने टीम के लिए एक गोल किया और स्कोर 3-1 कर दिया. इसके बाद पाकिस्तान ने लगातार हमले किए लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार डिफेंस किया. गोलकीपर और डिफेंस लाइन ने कोई गलती नहीं की और आखिरी सीटी बजने तक बढ़त बनाए रखी. भारत ने 3-1 से मुकाबला जीतकर एशियाई खिताब अपने नाम किया. इस जीत के साथ भारत एलीट पूल में भी पहले स्थान पर रहा. पाकिस्तान की टीम भी फाइनल तक पहुंचने के कारण पहले FIH यूथ हॉकी5s वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने में सफल रही.
भारत की महिला सब-जूनियर टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया. हालांकि फाइनल में उन्हें चीन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और सिल्वर मेडल मिला. हॉकी इंडिया ने दोनों टीमों की उपलब्धि पर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की. पुरुष टीम के हर खिलाड़ी को 2 लाख रुपए और सपोर्ट स्टाफ के हर सदस्य को 1 लाख रुपए दिए जाएंगे. महिला टीम की हर खिलाड़ी को 1 लाख रुपए और स्टाफ को 50 हजार रुपए मिलेंगे. हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की और महासचिव भोला नाथ सिंह ने दोनों टीमों की तारीफ करते हुए कहा कि यह सफलता भारतीय हॉकी के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है और आने वाले वर्षों में यही खिलाड़ी देश का नाम और ऊंचा करेंगे.