menu-icon
India Daily

कौन हैं आयुष बडोनी जिन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में सुंदर की जगह मिला मौका? संघर्षों से भरा रहा है जीवन

न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से वॉशिंगटन सुंदर बाहर हो गए हैं और उनकी जगह आयुष बडोनी को टीम में शामिल कर लिया गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि बडोनी कौन हैं?

mishra
कौन हैं आयुष बडोनी जिन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में सुंदर की जगह मिला मौका? संघर्षों से भरा रहा है जीवन
Courtesy: X

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम में युवा खिलाड़ियों को लगातार मौके दिए जा रहे हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी ऐसा ही देखने को मिला, जब चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह दिल्ली के उभरते ऑलराउंडर आयुष बडोनी को टीम इंडिया में शामिल किया गया. यह मौका उनके लिए सिर्फ एक चयन नहीं बल्कि सालों की मेहनत और संघर्ष का नतीजा है.

न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारत ने शानदार जीत दर्ज की लेकिन इस मैच में वॉशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए और पूरी सीरीज से बाहर हो गए. इसके बाद बीसीसीआई ने आयुष बडोनी को भारतीय टीम में जगह दी. यह उनका पहला मौका है जब उन्हें सीनियर भारतीय वनडे टीम का हिस्सा बनने का अवसर मिला है.

उत्तराखंड से दिल्ली तक का सफर

आयुष बडोनी का परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. उनका जन्म 3 दिसंबर 1999 को हुआ था. बाद में उनका परिवार दिल्ली आ गया, जहां आयुष का बचपन बीता. दिल्ली की गलियों और मैदानों में खेलते हुए उन्होंने क्रिकेट को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया.

छत पर शुरू हुई क्रिकेट की तैयारी

आयुष के पिता विवेक बडोनी पेशे से डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर हैं और मां विभा बडोनी एक शिक्षिका हैं. बेटे के क्रिकेट के जुनून को देखकर पिता ने घर की छत पर ही नेट लगवाकर प्रैक्टिस शुरू करवाई. यहीं से आयुष की असली ट्रेनिंग की नींव पड़ी. सिर्फ 9 साल की उम्र में उन्होंने प्रोफेशनल क्रिकेट की तैयारी शुरू कर दी.

अंडर-19 से मिली पहचान

आयुष पहली बार तब चर्चा में आए जब उन्होंने 2018 में अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में अहम पारी खेली. इसके बाद उनके खेल में लगातार निखार आता गया. घरेलू क्रिकेट में उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद बल्लेबाज और उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाज के रूप में साबित किया.

रणजी ट्रॉफी में संघर्ष और जोरदार वापसी

रणजी ट्रॉफी में आयुष की शुरुआत आसान नहीं रही. शुरुआती मैचों में वे लगातार असफल हुए लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. एक बड़ी पारी ने उनका आत्मविश्वास लौटा दिया और इसके बाद उन्होंने दोहरे शतक लगाकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा. दलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने डेब्यू मैच में ही शानदार दोहरा शतक जड़ दिया.

आईपीएल ने बदली किस्मत

आईपीएल 2022 में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें मौका दिया. पहले ही मैच में उन्होंने निडर बल्लेबाजी करते हुए सबको प्रभावित किया. इसके बाद आयुष टीम के अहम खिलाड़ी बन गए. आईपीएल 2025 में उन्हें बड़ी रकम में रिटेन किया जाना उनकी बढ़ती लोकप्रियता और प्रदर्शन का प्रमाण है.

'बेबी एबी' के नाम से मशहूर

आयुष बडोनी अपने आक्रामक और चारों ओर शॉट खेलने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं. वे मैदान के हर कोने में रन बनाने की काबिलियत रखते हैं. इसी वजह से उन्हें कई लोग प्यार से ‘बेबी एबी’ भी कहते हैं. उनके आदर्श राहुल द्रविड़ हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में आधुनिक क्रिकेट की झलक साफ दिखती है.

Topics