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India Daily

T20 वर्ल्ड कप में मजाक उड़ाने से लेकर करो या मरो वाले विज्ञापन तक, जानें स्टार स्पोर्ट्स बार-बार क्यों हो रहा है बुरी तरह ट्रोल?

सुपर 8 चरण में भारतीय टीम ने अपना पहलै मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था, उस मुकाबले से पहले स्टार स्पोर्ट्स ने एक विज्ञापन जारी किया था. जिसे साउथ अफ्रीकी टीम का मजाक उड़ाने के रूप में देखा गया.

Anuj
Edited By: Anuj
T20 वर्ल्ड कप में मजाक उड़ाने से लेकर करो या मरो वाले विज्ञापन तक, जानें स्टार स्पोर्ट्स बार-बार क्यों हो रहा है बुरी तरह ट्रोल?
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नई दिल्ली: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के दौरान आधिकारिक प्रसारक स्टार स्पोर्ट्स अपने प्रचार अभियानों को लेकर चर्चा में है. शुरुआत में भारत की टीम को अजेय दिखाने और बड़े-बड़े दावे करने वाले विज्ञापन सोशल मीडिया पर खूब चले. लेकिन जैसे ही टूर्नामेंट ने अप्रत्याशित मोड़ लिया, चैनल का लहजा बदलता नजर आया. अब जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच को करो या मरो बताने पर फैंस प्रसारक को ट्रोल कर रहे हैं.

टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में स्टार स्पोर्ट्स ने भारत के नाम पर बड़े दावे किए. नामीबिया के खिलाफ मुकाबले से पहले ऐसा प्रचार किया गया मानो भारत पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय में 300 रन बना देगा. इस तरह की बातों ने दर्शकों को हैरान किया और कई लोगों ने इसे जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास बताया.

अफ्रीका पर तंज भारी पड़ा

सुपर 8 चरण में भारतीय टीम ने अपना पहलै मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था, उस मुकाबले से पहले स्टार स्पोर्ट्स ने एक विज्ञापन जारी किया था. जिसे साउथ अफ्रीकी टीम का मजाक उड़ाने के रूप में देखा गया. कपकेक के जरिए अफ्रीकी प्रशंसकों पर तंज कसा गया. लेकिन जब भारत को उसी मुकाबले में करारी हार मिली तो यह विज्ञापन तुरंत हटा लिया गया. इसके बाद आलोचना और तेज हो गई.

भारत बनाम जिम्बाब्वे

अब चेन्नई में 26 फरवरी को भारत और जिम्बाब्वे के खिलाफ अहम मैच खेला जाएगा. इस मुकाबले को स्टार स्पोर्ट्स ने करो या मरो की तरह पेश किया है. इस बार प्रचार में प्रतिद्वंद्वी टीम को बराबरी का दर्जा दिया गया है. हालांकि, दर्शकों का कहना है कि यह बदलाव मजबूरी में आया है. 

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

फैंस का मानना है कि खेल में किसी भी टीम को हल्के में लेना गलत है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और प्रचार में संतुलन जरूरी है. प्रसारक की बदलती रणनीति को लेकर मीम्स भी वायरल हो रहे हैं.

सबक की जरूरत

पिछले एक सप्ताह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि क्रिकेट में नतीजे पहले से तय नहीं होते. जब तक आखिरी गेंद नहीं फेंकी जाती, कुछ भी हो सकता है. शायद यह अनुभव प्रसारक के लिए भी एक सबक है कि खेल से आगे निकलने की जल्दबाजी ठीक नहीं.