नई दिल्ली: टीम इंडिया के टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना काफी कम लग रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह सुपर 8 के मुकाबले में मिली 76 रन से बड़ी हार है. दुनिया के सबसे बड़े नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम अहमदाबाद में भारत की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरफ बिखर गई.
इसका नतीजा हार के साथ खराब नेट रन रेट (एनआरआर) भी हुआ. वो तो भला हो वेस्टइंडीज का जिसने जिम्बाब्वो को सुपर 8 के मुकाबले में 107 रनों से हराया. इसके बाद भारत प्वाइंट टेबल में ग्रुप ए में तीसरे स्थान पर आ गया है. इसी के साथ भले ही भारत कमजोर स्थिति में नजर आ रहा है लेकिन अगर वो अपने अगले दो मुकाबले बड़े अंतर से जीतता है तो उसके सेमीफाइनल में पहुंचने के चांस हैं.
इसके साथ ही भारतीय टीम और फैंस दुआ करेंगे कि साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना मुकाबला जीत जाए. इसी के साथ ही हम आपको एक ऐसा दुर्लभ संयोग बताने जा रहे हैं जो डिफेंडिंग चैंपियन भारत को दोबारा खिताब दिला जा सकता है. मौजूदा वर्ल्ड कप में कुछ ऐसे ही समीकरण बन रहे हैं जो साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में बने थे. भारत ने इस फॉर्मेट के वर्ल्ड कप के पहले एडीशन में एम एस धौनी की अगुवाई में जीत हासिल की थी.
Here's how the Super 8 standings look after the first round of fixtures 👀#T20WorldCup broadcast details 👉 https://t.co/Wf4VaE4pSJ pic.twitter.com/gSOQYuuAZ7
— T20 World Cup (@T20WorldCup) February 23, 2026
टी20 वर्ल्ड कप 2007 में भारत ने ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान को बॉलआउट में मात दी थी. वहीं सुपर 8 में भारत अपना पहला मुकाबला न्यूजीलैंड से 10 रनों से हार गई थी. इसके बाद टीम इंडिया ने इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. युवराज सिंह ने सुपर 8 के मुकाबले में इंग्लैंडे के खिलाफ 6 गेंद में 6 छक्के लगाकर इतिहास रचा था. इसके बाद सेमीफाइनल में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को हराया. वहीं फाइनल में एक बार फिर से भारत-पाकिस्तान आमने सामने थी. भारत ने रोमांचक मैच में उसे हराकर खिताब अपने नाम किया था.
टी20 वर्ल्ड कप साल 2007 में भी जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया को हराया था. साल 2026 के वर्ल्ड कप की बात करें तो इस बार भी जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया को हराया था. टी20 वर्ल्ड कप 2007 में भारत सुपर 8 में पहला मुकाबला हारने के बाद लगातार चार मैच जीतकर पहली बार टी20 वर्ल्ड कप विजेता बना. इस बार भी भारत को अगर चैंपियन बनना है तो ऐसा ही करना होगा. इतिहास उसके साथ है. देखना होगा कि भारतीय टीम क्या इतिहास दोहरा पाएगी या उसका लगातार दो20 वर्ल्ड कप जीतने का सपना चकनाचूर हो जाएगा.