नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े सितारे रोहित शर्मा और विराट कोहली एक बार फिर मैदान पर नजर आने वाले हैं. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार वनडे सीरीज के बाद अब दोनों विजय हजारे ट्रॉफी (VHT) में अपने-अपने राज्यों मुंबई और दिल्ली का प्रतिनिधित्व करेंगे.
यह खबर सुनकर फैंस खुश तो हैं लेकिन इसके पीछे की असली कहानी ने सबको चौंका दिया है. बता दें कि पिछले कुछ समय से रोहित शर्मा और विराट कोहली के वर्ल्ड कप 2027 में खेलने को लेकर बहस छिड़ी हुई है.
विराट कोहली पिछले 15 साल से विजय हजारे ट्रॉफी नहीं खेले थे. उनका आखिरी मैच 2010 में हुआ था. वहीं रोहित शर्मा 2018 के बाद पहली बार इस लिस्ट-A टूर्नामेंट में उतर रहे हैं.
दोनों खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब सिर्फ वनडे और T20 खेल रहे हैं. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है.
गंभीर-अगरकर पर उठे सवालऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले रोहित शर्मा को वनडे कप्तानी से हटा दिया गया था और शुभमन गिल को नया कप्तान बनाया गया था. कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि रोहित और विराट को टीम मैनेजमेंट के लंबे प्लान में नहीं रखा जा रहा है.
मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर और कोच गौतम गंभीर ने भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर दोनों के भविष्य पर साफ जवाब नहीं दिया था. ऐसे में यह सवाल उठने लगा कि क्या दोनों सीनियर खिलाड़ियों को डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने के लिए मजबूर किया गया?
अब सच सामने आ गया है. रेवस्पोर्ट्ज की रिपोर्ट के अनुसार BCCI ने रोहित और विराट पर कोई दबाव नहीं डाला. दोनों खिलाड़ियों ने खुद ही खुद से विजय हजारे ट्रॉफी खेलने का फैसला किया है.
एक BCCI अधिकारी ने साफ कहा, "यह उनका अपना फैसला है. हमने कोई दबाव नहीं डाला." यानी गंभीर-अगरकर या बोर्ड की तरफ से कोई आदेश नहीं था. दोनों दिग्गज खुद फिटनेस, फॉर्म और टीम में जगह पक्की करने के लिए मैदान पर उतरना चाहते हैं.
विजय हजारे ट्रॉफी 24 दिसंबर से शुरू हो रही है और लीग स्टेज 8 जनवरी तक चलेगा. रोहित और विराट लीग स्टेज के मैच खेलेंगे लेकिन नॉकआउट मुकाबले नहीं खेल पाएंगे क्योंकि उस समय न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू हो जाएगी.