नई दिल्ली: अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने वैश्विक सुरक्षा को लेकर एक अहम बयान दिया है. उन्होंने पाकिस्तान को अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरों में से एक बताया. और साथ ही ईरान, चीन, रूस और उत्तर कोरिया को भी ऐसे देशों की सूची में रखा है, जो अपनी सैन्य क्षमताओं को लगातार बढ़ा रहे हैं और भविष्य में गंभीर चुनौती बन सकते हैं.
बुधवार को एक आधिकारिक ब्रीफिंग में गबार्ड ने कहा कि ये पांचों देश तेजी से ऐसी मिसाइल तकनीक विकसित कर रहे हैं, जो परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम हैं. उनके मुताबिक, इन देशों की बढ़ती ताकत अमेरिका की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि उसकी परमाणु क्षमता अमेरिका के लिए बड़ा खतरा बन सकती है.
खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये देश केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक और उन्नत मिसाइल सिस्टम पर भी काम कर रहे हैं. इन नई तकनीकों की वजह से अमेरिका का मुख्य भूभाग भी अब इनके निशाने पर आ सकता है. गबार्ड ने यह भी संकेत दिया कि इन देशों के बीच सैन्य और तकनीकी सहयोग लगातार बढ़ रहा है, जिस पर अमेरिकी एजेंसियां करीबी नजर बनाए हुए हैं.
उत्तर कोरिया को लेकर भी उन्होंने गंभीर चिंता जताई. गबार्ड के अनुसार, उत्तर कोरिया ने रूस और चीन के साथ अपने संबंधों को और मजबूत किया है. यह बढ़ता सामरिक तालमेल अमेरिका के लिए नई रणनीतिक चुनौतियां पैदा कर सकता है. उन्होंने कहा कि मिसाइल परीक्षण और परमाणु अनुसंधान को इस सहयोग के व्यापक दायरे में देखा जा रहा है.
ईरान के मामले में गबार्ड ने एक अहम दावा किया. उन्होंने कहा कि जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को बड़ी कार्रवाई के जरिए पूरी तरह नष्ट कर दिया था. उनके अनुसार, तब से अब तक ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि ईरान ने उस कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने की कोशिश की हो. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अब भी उन्नत मिसाइल तकनीक पर काम कर रहा है, जिससे भविष्य में खतरे की संभावना बनी हुई है.