नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप के बीच एक नया विवाद सामने आया है. पाकिस्तान के एक क्रिकेट शो में बीसीसीआई वाइस-प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला का ऑडियो चलाया गया, जिसे अब फर्जी बताया जा रहा है. यह शो पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक होस्ट कर रहे थे और इसका प्रसारण एआरवाई न्यूज पर हुआ.
कार्यक्रम में एक ऑडियो क्लिप चलाई गई, जिसमें दावा किया गया कि बीसीसीआई ने आईसीसी से बार बार अनुरोध किया था कि वह पाकिस्तान को टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए मनाए. ऑडियो में कथित तौर पर राजीव शुक्ला की आवाज सुनाई देती है. उसमें कहा गया कि आईसीसी प्रतिनिधि ने बीसीसीआई के अनुरोध पर पाकिस्तान को मनाया और क्रिकेट को प्राथमिकता देते हुए समाधान निकाला गया.
A video of my remarks on the India Pakistan World Cup match has been manipulated using AI to alter the audio. These statements are not mine. I urge everyone not to believe or circulate this misleading content and to report it wherever such videos are seen.
— Rajeev Shukla (@ShuklaRajiv) February 11, 2026
हालांकि इस ऑडियो की भाषा, लहजा और बोलने का तरीका राजीव शुक्ला की सामान्य शैली से अलग बताया जा रहा है. कई लोगों ने इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार की गई क्लोन आवाज करार दिया है. सोशल मीडिया पर भी इस क्लिप को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
Pakistani sports show Har Lamha Purjosh hosted by Shoaib Malik, is circulating fake AI video of BCCI VICE PRESIDENT RAJEEV SHUKLA for selling chooran to the Pakistani audience pic.twitter.com/BMLmmD9sUe
— Vishal (@Fanpointofviews) February 11, 2026
असल में राजीव शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में अलग बयान दिया था. उन्होंने आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और पदाधिकारियों का धन्यवाद किया था. उन्होंने कहा था कि आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से चर्चा के बाद सभी पक्षों की राय सुनकर फैसला लिया.
शुक्ला ने अपने बयान में यह भी कहा था कि यह फैसला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण है और विश्व कप की सफलता के लिए जरूरी है. उन्होंने इसे आईसीसी की बड़ी उपलब्धि बताया था. उन्होंने कहीं भी यह नहीं कहा कि बीसीसीआई ने बार बार अनुरोध कर पाकिस्तान को मनाने की पहल की. यहां तक कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी ICC की तारीफ की है, इसलिए उसने सभी पक्षों की बात सुनी और सभी के फायदे को ध्यान में रखकर फैसला किया है.'
इस घटना के बाद शो और चैनल की आलोचना हो रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि एआई के दौर में फर्जी ऑडियो और वीडियो बनाना आसान हो गया है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है. ऐसे मामलों में आधिकारिक बयान और विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करना जरूरी है.