अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया में एक और युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है. ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई ने खुले तौर पर 40,000 अमेरिकी फौज को निशाना बनाने की धमकी दी है. ट्रंप प्रशासन ने ओमान में बातचीत के बाद नए प्रतिबंध लगाए, जिससे ईरान के तेल निर्यात और जहाजों पर असर पड़ा है.
इससे भड़के ईरान के विदेश मंत्री ने कहा,'अगर अमेरिका हमला करता है, तो हम मिडिल ईस्ट में सभी यूएस बेस तबाह कर देंगे. खामेनेई इस बात का अंदेशा जता चुके हैं कि ट्रंप युद्ध शुरू कर सकता है, लेकिन अमेरिका इसे खत्म नहीं कर पाएगा. ईरान के पास मिसाइल और ड्रोन तैयार हैं, होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की क्षमता है, जिससे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं.
अमेरिका ने फारस की खाड़ी में एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किए हैं, लेकिन इराक, सीरिया, कतर जैसे बेस खतरे में हैं. क्या यह वर्ल्ड वॉर-3 की शुरुआत है? इस पर विशेषज्ञ कहते हैं, "अमेरिका रिजीम चेंज चाहता है, लेकिन अफगानिस्तान-इराक जैसी जंग से डर रहा है. ईरान के IRGC मजबूत हैं, विरोध दबा रहे है."