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ओलंपिक में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकार ने खोला खजाना, मिलेंगे करोड़ों रूपए

Olympic 2028: दिल्ली सरकार ने ओलंपिक में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को खुशखबरी दी है. दरअसल, मेडल जीतने वाले एथलीटों की इनामी राशि में अब बढ़ोत्तरी की गई है.

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ओलंपिक में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकार ने खोला खजाना, मिलेंगे करोड़ों रूपए
Courtesy: Social Media

Olympic 2028: भारत ने पेरिस ओलंपिक 2024 में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था और कम मेडल ही अपने नाम किए थे. ऐसे में खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिससे भारत के युवा ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे. उन्होंने भविष्य में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए इनामी राशि को बढ़ाया है.

बता दें कि अगला ओलंपिक साल 2028 में लॉस एंजलिस में खेला जाना है. ऐसे में दिल्ली के रहने वाले, जो भी खिलाड़ी मेजल अपने नाम करेंगे, उन्हें इनामी राशि दी जाएगी. सरकार ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों ही मेडल के लिए अलग-अलग इनामी राशि की घोषणा की है.

मेडल के हिसाब से मिलेगा इनाम

दिल्ली सरकार ने ओलंपिक में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए नई इनाम राशि की घोषणा की है. अब गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी को 7 करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल विजेता को 5 करोड़ रुपये और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले को 3 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. यह राशि देश के खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. इससे पहले भी सरकार खिलाड़ियों को पुरस्कार देती रही है लेकिन इस बार इनाम की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है.

मंत्री अशीष सूद ने कहा कि यह कदम खिलाड़ियों के मेहनत और समर्पण को सम्मान देने के लिए उठाया गया है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकता है.

खिलाड़ियों को मिलेगा नया हौसला

पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने कई मेडल जीते और अब इन पुरस्कारों से खिलाड़ियों का उत्साह और बढ़ेगा. गोल्ड मेडल विजेता नीरज चोपड़ा, सिल्वर मेडल विजेता मीराबाई चानू और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले अन्य खिलाड़ियों के लिए यह राशि उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है. साथ ही, यह पुरस्कार भविष्य के खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगे, जो ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना चाहते हैं.

इसके अलावा, सरकार ने खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और सुविधाओं में भी सुधार का वादा किया है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें. यह कदम भारत को खेलों में एक सशक्त देश के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.