BCCI New Rule of Under-16 Players: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अंडर-16 और अंडर-19 खिलाड़ियों के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में हिस्सा लेने के लिए एक नया नियम लागू किया है. इस नियम के तहत युवा खिलाड़ियों को IPL में खेलने के लिए कम से कम एक फर्स्ट-क्लास मैच खेलना अनिवार्य होगा. यह फैसला BCCI की वार्षिक आम बैठक (AGM) में लिया गया.
BCCI ने यह तय किया है कि कोई भी अंडर-16 या अंडर-19 खिलाड़ी तभी IPL में खेल सकता है, जब वह कम से कम एक फर्स्ट-क्लास मैच खेल चुका हो. पहले IPL में खिलाड़ियों के लिए कोई आयु सीमा या घरेलू क्रिकेट में अनुभव की शर्त नहीं थी. फ्रैंचाइजी अपने हिसाब से ट्रायल्स, नीलामी या मिड-सीजन साइनिंग के जरिए खिलाड़ियों को चुन सकती थीं. लेकिन अब इस नए नियम से युवा खिलाड़ियों को प्रोफेशनल क्रिकेट में अनुभव लेना होगा ताकि वे IPL जैसे बड़े मंच के लिए तैयार हो सकें.
BCCI का यह कदम युवा खिलाड़ियों को उच्च स्तर के क्रिकेट के लिए बेहतर तैयार करने के उद्देश्य से उठाया गया है. फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में खेलने से खिलाड़ियों को लंबे फॉर्मेट की चुनौतियों का सामना करने का अनुभव मिलता है, जो उनकी तकनीक और मानसिक मजबूती को निखारता है. प्रशंसकों ने भी इस फैसले की तारीफ की है. उनका मानना है कि इससे युवा खिलाड़ी IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे और उनकी गुणवत्ता बनी रहेगी.
इस नियम का असर उन युवा खिलाड़ियों पर पड़ सकता है, जो बिना ज्यादा घरेलू अनुभव के IPL में सीधे प्रवेश करते हैं. उदाहरण के लिए, राजस्थान रॉयल्स के स्टार खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी, जो IPL 2025 में 13 साल और 243 दिन की उम्र में 1.10 करोड़ रुपये में खरीदे गए, सबसे कम उम्र के IPL खिलाड़ी बने.
अब इस नए नियम के बाद वैभव जैसे खिलाड़ियों को IPL में खेलने से पहले फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में खुद को साबित करना होगा. यह नियम उनके करियर को लंबे समय में मजबूत बना सकता है लेकिन अल्पकालिक तौर पर यह उनकी राह को थोड़ा चुनौतीपूर्ण कर सकता है. हालांकि, सूर्यवंशी पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि वे बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में मुकाबला खेल चुके हैं.