ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में बांग्लादेश ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया. इसका इंतजार उसके क्रिकेट फैंस को सालों से था. मेहदी हसन मिराज की कप्तानी में टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर घरेलू वनडे क्रिकेट में नया इतिहास लिख दिया. 21 साल के बाद यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेश की केवल दूसरी वनडे जीत थी.
मैच की शुरुआत बांग्लादेश के लिए आसान नहीं रही, जब सैफ हसन जल्दी पवेलियन लौट गए. इसके बाद तंज़िद हसन तमीम और नजमुल हुसैन शांतो ने पारी को संभालते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी पर दबाव बनाया. दोनों बल्लेबाजों ने 91 गेंदों में 96 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने बीच के ओवरों में वापसी की और 140 रन तक चार विकेट गिरा दिए.
मध्यक्रम में तौहीद हृदय ने संयम दिखाया, जबकि लंबे समय बाद टीम में लौटे मोसादेक हुसैन ने शानदार बल्लेबाजी की. उन्होंने 70 गेंदों में 86 रन बनाकर पारी को नई दिशा दी. उनकी पारी में सात चौके और तीन छक्के शामिल रहे. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने उनके तीन कैच छोड़े, जिसका पूरा फायदा उन्होंने उठाया. तस्कीन अहमद ने भी तेज बल्लेबाजी करते हुए 16 गेंदों में 20 रन जोड़े और बांग्लादेश का स्कोर 50 ओवर में 284/8 तक पहुंच गया.
लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को पहले ही ओवर में बड़ा झटका लगा, जब तस्कीन अहमद ने मैट शॉर्ट को बोल्ड कर दिया. इसके बाद मुस्तफिजुर रहमान ने मार्नस लाबुशेन को एलबीडब्ल्यू आउट कर कंगारुओं को मुश्किल में डाल दिया. शुरुआती झटकों के बाद जोश इंग्लिस और कूपर कोनोली ने कुछ संघर्ष किया. बांग्लादेशी गेंदबाज लगातार दबाव बनाए रखने में सफल रहे. तेज गेंदबाजों की सटीक लाइन और लेंथ ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया.
युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने अपने करियर का यादगार स्पेल फेंका. उन्होंने जोश इंग्लिस, एलेक्स कैरी, जेवियर बार्टलेट और लियाम स्कॉट के विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. राणा ने 4/41 के शानदार आंकड़े दर्ज किए. दूसरी ओर मोसादेक हुसैन ने गेंद से भी योगदान देते हुए कूपर कोनोली और मैट रेनशॉ को आउट किया. बारिश और बिजली कड़कने के कारण मैच समय से पहले रोकना पड़ा, लेकिन DLS नियम के तहत बांग्लादेश को 86 रन से विजेता घोषित किया गया.