Glasgow में चल रहे Commonwealth games 2026 में भारत को जूडो से बड़ी खुशी मिली है. युवा खिलाड़ी अस्मिता डे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग का गोल्ड मेडल अपने नाम किया. उनकी इस जीत ने भारतीय जूडो के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया.
22 साल की अस्मिता डे ने फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वैच को 2-1 से हराकर भारत को जूडो का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड दिलाया. मुकाबला काफी रोमांचक रहा और दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी. शुरुआती दौर में क्वैच ने बढ़त बनाई लेकिन अस्मिता ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया. दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और तय समय तक मुकाबला बराबरी पर रहा. इसके बाद फैसला गोल्डन स्कोर में हुआ, जहां भारतीय खिलाड़ी ने शानदार थ्रो लगाकर जीत अपने नाम कर ली.
THIS IS HISTORIC FOLKS! 🔥🔥🔥🔥🔥
ASMITA DEY HAS WON INDIA’S FIRST EVER GOLD MEDAL IN JUDO AT CWG! 🥋 pic.twitter.com/RaHC0dhbiG— The Khel India (@TheKhelIndia) July 31, 2026Also Read
अस्मिता का सफर आसान नहीं रहा. सेमीफाइनल में उन्होंने स्कॉटलैंड की सारा एडलिंगटन को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था. यह मुकाबला भी गोल्डन स्कोर तक गया था, जहां उन्होंने धैर्य और शानदार तकनीक का प्रदर्शन किया. इससे पहले क्वार्टर फाइनल में उन्होंने स्कॉटलैंड की ईवा इविंग को इप्पोन के जरिए हराया था. पूरे टूर्नामेंट में अस्मिता का आत्मविश्वास और आक्रामक खेल साफ दिखाई दिया. उन्होंने हर मुकाबले में संयम बनाए रखा और सही समय पर अंक जुटाकर विरोधियों को पीछे छोड़ दिया.
Congratulations Asmita Dey
— Prashant Kumar Singh (@Pacificsingh14) July 31, 2026
Asmita won Judo Gold in Commonwealth GOLD 🥇 Medal for India pic.twitter.com/iJiTaS1KSP
अस्मिता डे की यह जीत सिर्फ एक गोल्ड मेडल नहीं, बल्कि भारतीय जूडो के लिए नई शुरुआत मानी जा रही है. अब तक भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का गोल्ड जीतने का इंतजार कर रहा था, जिसे अस्मिता ने खत्म कर दिय. उनकी सफलता से देश के युवा खिलाड़ियों को भी नई प्रेरणा मिलेगी. ग्लासगो में मिला यह मेडल भारत के अभियान के लिए भी बेहद अहम साबित हुआ. खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अस्मिता इसी तरह प्रदर्शन करती रहीं तो आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी भारत के लिए पदक जीत सकती हैं.