Asian Games 2026: भारतीय तीरंदाजों का कमाल, देश के नाम एक और गोल्ड; कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने साउथ कोरिया को चटाया धूल
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने एक और गोल्डन पल देश के नाम कर दिया है. महिला टीम की सफलता के बाद अब कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने भी साउथ कोरिया को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया है.
Asian Games 2026: एशियन गेम्स में तीरंदाजी के मैदान से भारत के लिए एक और खुशखबरी आई है. महिला तीरंदाजों की सफलता के बाद अब कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में भी भारत ने बाजी मार ली है. चिकिता तनीपर्थी और साहिल राजेश जाधव की जोड़ी ने फाइनल में साउथ कोरिया को मात देकर देश के लिए गोल्ड मेडल पक्का किया. बुधवार यानी 30 सितंबर तक तीरंदाजी में भारत के खाते में यह दूसरा पदक है, जिसने पूरे देश में जश्न का माहौल बना दिया है. फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा और कोरियाई जोड़ी को कहीं भी बराबरी का मौका नहीं दिया.
फाइनल में शुरू से हावी रहा भारत
मिक्स्ड कंपाउंड तीरंदाजी के फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने कमाल का प्रदर्शन किया. चिकिता तनीपर्थी और साहिल जाधव ने शुरुआती दोनों सेटों में अपने सभी तीर सटीक निशाने पर लगाए. इस दमदार शुरुआत की बदौलत भारत ने पहले हाफ तक ही साउथ कोरिया के खिलाफ 80-78 की दो अंकों की बढ़त बना ली थी, जिसने जीत की नींव रख दी.
सेमीफाइनल में थाईलैंड को दी थी कड़ी टक्कर
गोल्ड मेडल मुकाबले तक पहुंचने से पहले भारतीय जोड़ी को सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ बेहद कांटे की टक्कर का सामना करना पड़ा था. इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय तीरंदाजों ने गजब का संयम दिखाया और आखिरी क्षणों तक दबाव में भी अपना खेल बरकरार रखा. नतीजा यह रहा कि भारत ने थाईलैंड को बेहद करीबी अंतर 156-155 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया.
Also Read
दबाव में भी नहीं डगमगाए निशाने
फाइनल मुकाबले में भी भारतीय जोड़ी ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत की थी. पहले ही एंड में 39-37 की बढ़त हासिल करने के बाद चिकिता और साहिल ने दबाव के पलों में भी बेहतरीन निशाने साधे. साउथ कोरिया की टीम ने वापसी की पूरी कोशिश की, लेकिन भारतीय जोड़ी के अचूक तीरों ने कोरियाई चुनौती को नाकाम कर दिया.
देश के लिए दूसरा गोल्डन पल
इस जीत के साथ ही तीरंदाजी में भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 का सफर और भी शानदार हो गया है. महिला टीम की सफलता के बाद अब मिक्स्ड कंपाउंड टीम की यह जीत भारतीय तीरंदाजी के बढ़ते दबदबे को दिखाती है. खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि भारत अब तीरंदाजी की दुनिया में एक मजबूत ताकत बनकर उभर रहा है.