दुनिया को जैवलिन थ्रो का नया सितारा मिल गया है. पाकिस्तान के अरशद नदीम ने पेरिस ओलंपिक 2024 में जैवलिन कंपटीशन में सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं. उनके नाम की दुनियाभर में धूम मची है. पाकिस्तान में दशकों से गोल्ड मेडल का सूखा पड़ा था, जिसकी कमी, अरशद नदीम ने पूरी कर दी है. एक खेलों में पाकिस्तान की मिली, पहली बड़ी कामयाबी है. पाकिस्तान सरकार भी अरशद नदीम पर निहाल है और उन्हें अलग-अलग तरीके से सम्मानित कर रही है. अरशद नदीम नेओलंपिक में 92.97 मीटर जैवलिन फेंका है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.
पाकिस्तान का दुनिया में नाम रोशन करने के बाद अब अरशद नदीम ने अपनी सरकार से कुछ मांगा है. अरशद नदीम ने कहा है कि उनकी तहसील मियां चन्नू का विकास किया जाए, जिससे एक बड़े तबके को लाभ पहुंचे. इस इलाके में प्रशासनिक उपेक्षा की वजह से विकास कम हुआ है. जब ओलंपिक जीतकर अरशद नदीम अपने गांव पहुंचे तो उन्होंने पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से सरकार से गुहार लगाई कि उनकी मदद की जाए.
अरशद नदीम ने कहा, 'मेरे गांव में सड़कों की जरूरत है. अगर सरकरा हमें गैस दे दे, यह मेरे गांव और मेरे लिए अबहुत अच्चा होगा. मेरा यह भी सपना है कि मियां चन्नू शहर में एक विश्वविद्यालय बने, जिससे हमारी बहनों को पढ़ने के लिए मुल्तान न जाना पड़े. वहां पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे लगते हैं. अगर सरकार यहां यूनिवर्सिटी बनवा दे तो यह मेरे गांव के लिए और पड़ोसियों के लिए अच्छी खबर होगी.'
Pakistani Olympic Javlin Gold-medalist Arshad Nadeem says his village needs roads, electricity and gas. Asks Pakistan Government to make a University and Stadium for youth. Girls have to travel more than an hour in a bus to Multan for education. Kudos pic.twitter.com/ehBC3bWiR2
— Piyushkant Mishra (@Piyushkant16611) August 11, 2024
अरशद नदीम ने पाकिस्तानी सरकार को शुक्रिया भी कहा. उन्होंने कहा कि वे एहसानमंद हैं कि पाकिस्तानी सरकार ने उन्हें इतना सपोर्ट किया जिससे वे ये मुकाम हासिल कर सके हैं. अरशद नदीम एक मजदूर के बेटे हैं, उन्होंने बेहद कठिन समय देखा है. लोगों ने पैसे ले-लेकर वे खेलों में पहुंचे हैं. लोगों की मदद से ही वे भाला खरीद पाए थे. कुछ महीने पहले उन्होंने अधिकारियों से गुहार लगाई थी कि उन्हें एक नया जैवलिन दिया जाए, जिससे वे खेल सें. उन्होंने पेरिस ओंलपिक 2024 में कमाल किया है और नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़कर गोल्ड मेडल हासिल कर लिया है.