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मानसून में गीले जूते बन सकते हैं बीमारी की वजह, पैरों में बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा; जानें कैसे करें बचाव

बारिश के मौसम में लंबे समय तक गीले जूते पहनने से फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. एथलीट फुट, नाखूनों का फंगल संक्रमण, इंटरडिजिटल संक्रमण जैसी समस्याओं से बचने के लिए समय पर उपचार बेहद जरूरी है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
मानसून में गीले जूते बन सकते हैं बीमारी की वजह, पैरों में बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा; जानें कैसे करें बचाव
Courtesy: Chatgpt

नई दिल्ली: मानसून के मौसम में अचानक होने वाली बारिश के कारण कई लोगों को लंबे समय तक गीले जूते पहनने पड़ते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत पैरों के लिए नुकसानदायक हो सकती है. लगातार नमी बने रहने से फंगस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे कई तरह के संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है.

विशेषज्ञों के मुताबिक जब पैर लंबे समय तक गीले रहते हैं तो त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत कमजोर होने लगती है. नमी, गर्म वातावरण और हवा की कमी फंगस तथा बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए अनुकूल स्थिति तैयार करती है. यही वजह है कि मानसून में पैरों से जुड़े संक्रमण के मामले अधिक देखने को मिलते हैं. यदि जूते ठीक से न सुखाए जाएं, मोजे नियमित रूप से न बदले जाएं या पैरों की सफाई न रखी जाए तो संक्रमण का जोखिम कई गुना बढ़ सकता है.

क्या होते हैं इसके लक्षण?

बारिश के मौसम में सबसे सामान्य समस्या एथलीट फुट होती है, जिसे टिनिया पीडिस भी कहा जाता है. इसमें पैरों की उंगलियों के बीच खुजली, जलन, सफेद परत और त्वचा छिलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय पर उपचार न मिलने पर यह संक्रमण पूरे तलवे और नाखूनों तक फैल सकता है.

लगातार गीले जूते पहनने से नाखूनों में फंगल संक्रमण भी हो सकता है. इस स्थिति में नाखून पीले, मोटे और कमजोर हो जाते हैं तथा आसानी से टूटने लगते हैं. यदि संक्रमण गहरा हो जाए तो इलाज में काफी समय लग सकता है.

क्या दी गई है चेतावनी?

उंगलियों के बीच लगातार नमी रहने से इंटरडिजिटल फंगल संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. इसमें त्वचा गलने लगती है, दर्द होता है और चलने में परेशानी हो सकती है. इसके अलावा त्वचा में कट या दरार होने पर बैक्टीरिया प्रवेश कर सकते हैं, जिससे सेल्युलाइटिस जैसी गंभीर समस्या हो सकती है. इस संक्रमण में पैर लाल, सूजा हुआ, गर्म और दर्दनाक हो सकता है. यदि इसके साथ बुखार भी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

गीले जूतों की वजह से इम्पेटिगो नामक बैक्टीरियल त्वचा संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है. इसमें त्वचा पर छोटे फफोले बनते हैं, जो बाद में पीली पपड़ी में बदल जाते हैं और यह संक्रमण दूसरों में भी फैल सकता है.

विशेषज्ञ क्या देते हैं सलाह?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बारिश में घर लौटने के बाद तुरंत गीले जूते और मोजे बदलें. पैरों को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखाएं. कॉटन या नमी सोखने वाले मोजे पहनें, जूतों को दोबारा पहनने से पहले अच्छी तरह सूखने दें और जरूरत पड़ने पर एंटीफंगल पाउडर का उपयोग करें. यदि खुजली, बदबू, लालिमा, सूजन या त्वचा छिलने जैसे लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज न करें और चिकित्सकीय सलाह लें.