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सिर्फ 36 महीने में खुल जाएगा राज! AIIMS के इस कदम से रख उठेगी लंबी उम्र की नींव

Project Longevity AIIMS: क्या आप भी जानना चाहते हैं कि लंबी उम्र का रहस्य क्या है? अगर हां, तो दिल्ली एम्स में आपके लिए खुशखबरी है. एम्स ने "प्रोजेक्ट लॉन्गिविटी" नामक एक स्टडी शुरू की गई है जिसका मकसद यही है कि वे यह पता लगा सकें कि एक ही परिवार में कई पीढ़ियों तक लोग कैसे लंबा जीवन जीते हैं.

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Project Longevity

Project Longevity AIIMS: आपके परिवार में कुछ लोग 90-100 साल की उम्र पार कर जाते हैं, जबकि कुछ 50-60 साल की उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह देते हैं? क्या आप भी जानना चाहते हैं कि कुछ लोग 90-100 साल तक कैसे स्वस्थ जीवन जीते हैं? दिल्ली एम्स में "प्रोजेक्ट लॉन्गिविटी" नामक एक स्टडी शुरू किया गया है जो इसी रहस्य को उजागर करने की कोशिश करेगा.

आखिर क्या है इस स्टडी का उद्देश्य

उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को समझना: रिसर्चर्स जीन, शरीर के अंदरूनी कामकाज और वातावरण को ध्यान से जांचकर यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि लोग कैसे बूढ़े होते हैं और इस प्रक्रिया को धीमा कैसे किया जा सकता है.

लंबी उम्र के कारकों की पहचान: वैज्ञानिक यह जानना चाहते हैं कि कौन से कारक लोगों को लंबा जीवन जीने में मदद करते हैं. क्या यह आनुवंशिकी, लाइफस्टाइल, या दोनों का मिश्रण है?

उम्र से जुड़ी बीमारियों का इलाज: इस स्टडी से प्राप्त जानकारी का उपयोग भविष्य में उम्र से जुड़ी बीमारियों जैसे हृदय रोग, कैंसर और अल्जाइमर रोग का इलाज करने के लिए नई दवाओं और उपचारों को विकसित करने के लिए किया जा सकता है.

व्यक्तिगत स्वास्थ्य योजनाएं: वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि इस स्टडी से प्राप्त जानकारी का उपयोग प्रत्येक व्यक्ति के लिए उम्र बढ़ने और बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए व्यक्तिगत स्वास्थ्य योजनाएं बनाने के लिए किया जा सकता है.

स्टडी में कैसे शामिल हों?

  • आयु: 10-19 साल से लेकर 80 साल से अधिक उम्र के लोग इस स्टडी में भाग ले सकते हैं.
  • स्वास्थ्य: सभी स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोग भाग ले सकते हैं, स्वस्थ और बीमार दोनों.
  • प्रक्रिया: स्टडी में भाग लेने वाले लोगों को ब्लड के नमूने, फिजिकल टेस्ट और लाइफस्टाइल से जुड़ी प्रश्नावली प्रदान करनी होगी. कुछ प्रतिभागियों को मस्तिष्क स्कैन और अन्य टेस्ट भी करवाने होंगे.

क्यों खास है ये स्टडी

यह स्टडी उम्र बढ़ने और लंबी उम्र से जुड़े रहस्यों को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. इससे प्राप्त जानकारी का उपयोग लोगों को स्वस्थ और लंबा जीवन जीने में मदद करने के लिए किया जा सकता है.

उदाहरण:

मान लीजिए कि रिसर्चर्स को पता चलता है कि एक विशेष जीन लोगों को लंबा जीवन जीने में मदद करता है. इस जानकारी का उपयोग उन लोगों की पहचान करने के लिए किया जा सकता है जिनके पास यह जीन है और उन्हें स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है. या फिर आपके परिवार में एक 95 वर्षीय दादाजी हैं जो अभी भी स्वस्थ और एक्टिव हैं. आपके पिता 60 वर्ष के हैं और उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी उम्र से जुड़ी बीमारियां हैं. आप 30 वर्ष के हैं और आप स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

"प्रोजेक्ट लॉन्गिविटी" जैसे स्टडी में भाग लेने से वैज्ञानिकों को आपके परिवार के सदस्यों के जीन, लाइफस्टाइल और वातावरण का स्टडी करने में मदद मिलेगी. वे यह जान सकेंगे कि आपके दादाजी लंबे और स्वस्थ जीवन जीने में कैसे सक्षम रहे, और आपके पिता को उम्र से जुड़ी बीमारियां क्यों हुईं. यह जानकारी आपको अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करने और उम्र से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है.

कैसे होगा स्टडी में भाग लेने वालों का चयन?

  • परिवार: स्टडी में उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनमें कम से कम तीन पीढ़ियां हों, जिनमें 10-19 साल से लेकर 80 साल से अधिक उम्र के लोग हों.
  • विविधता: स्टडी में विभिन्न जातियों, धर्मों और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के लोगों को शामिल किया जाएगा.
  • स्वस्थ और बीमार: स्टडी में न केवल स्वस्थ बुजुर्गों को शामिल किया जाएगा, बल्कि उन बुजुर्गों को भी शामिल किया जाएगा जो बीमार हैं.

स्टडी में क्या होगा?

  • जीनोम इंडेक्सिंग: रिसर्चर्स स्टडी में भाग लेने वाले सभी लोगों के जीनोम का अनुक्रमण करेंगे. इससे उन्हें यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कौन से जीन लंबी उम्र से जुड़े हैं.
  • ब्लड टेस्ट: रिसर्चर्स स्टडी में भाग लेने वाले सभी लोगों के ब्लड का टेस्ट करेंगे. इससे उन्हें यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कौन से बायोमार्कर लंबी उम्र से जुड़े हैं.
  • फिजिकल टेस्ट: रिसर्चर्स स्टडी में भाग लेने वाले सभी लोगों के फिजिकल टेस्ट करेंगे. इससे उन्हें यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि उनकी फिजिकल और मानसिक स्वास्थ्य कैसी है.
  • लाइफस्टाइल प्रश्नावली: रिसर्चर्स स्टडी में भाग लेने वाले सभी लोगों से उनकी लाइफस्टाइल के बारे में सवाल पूछेंगे. इससे उन्हें यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि उनकी लाइफस्टाइल उनकी उम्र पर क्या प्रभाव डालती है.

दिल्ली एम्स में "प्रोजेक्ट लॉन्गिविटी" एक महत्वपूर्ण स्टडी है जो उम्र बढ़ने और लंबी उम्र से जुड़े रहस्यों को उजागर करने की क्षमता रखता है. यदि आप इस स्टडी में भाग लेने में रुचि रखते हैं, तो कृपया एम्स की वेबसाइट पर जाएं या स्टडी में भाग लेने वाले डॉक्टरों से संपर्क करें.