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Teenagers को क्यों नहीं मारना चाहिए थप्पड़? Gullak वेब सीरीज ने समझा दी कैसी होनी परवरिश

Gullak Season 4: अक्सर माता-पिता बच्चों की छोटी-छोटी गलती पर भी पीटने लग जाते हैं. लेकिन क्या आपको पता हैं टीनएजर्स पर हाथ उठाने से वे सुधरने की जगह और बिगड़ने लगते हैं. इसके साथ बच्चों के उनके दिमाग पर भी बुरा असर पड़ता है. आइए विस्तार से जानते हैं टीनएजर्स पर हाथ उठाने से क्या होता है.   

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Teenagers को क्यों नहीं मारना चाहिए थप्पड़? Gullak वेब सीरीज ने समझा दी कैसी होनी परवरिश
Courtesy: Social Media

Parenting Tips: पॉपुलर वेब सिरीज 'गुल्लक' को फैंस का खूब प्यार मिल रहा है. यह वेब सिरीज भारतीय मिडिल क्लास के घर के रोजमर्रा मुद्दों को ऊपर बनाई गई है. वेब सिरीज 'गुल्लक' के सीजन 4 में मिश्रा जी ने किसी हरकत पर गुस्से में आ कर अपने बेटे अमन को थप्पड़ मार दिया था जिसकी वजह से अमन ने घर छोड़ने का फैसला ले लिया. यह कहानी हर घर की है, माता-पिता गुस्से में टीनएजर्स के ऊपर बिना सोचे समझें हाथ उठा देते हैं जिसकी वजह से वह  घर से भागने की या फिर कोई और गलत कदम उठाने का फैसला लेते हैं .

ऐसे में कई बार पेरेंट्स का कहना होता है कि इस उम्र में बच्चें बात नहीं मानते हैं इस वजह से मारना जरूरी हो जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों पर हाथ उठाने से भविष्य में किन चीजों का नुकसान झेलना पड़ सकता है. आइए जानते हैं टीनएजर्स पर गुस्से में हाथ उठाने से क्या होता है.

बच्चों पर हाथ उठाने से क्या होता है?

कई बार माता-पिता को गुस्सा आने पर अपने बच्चों पर हाथ उठा देते हैं जिसकी वजह से उन्हें  शारीरिक दंड ही नहीं बल्कि मेंटल लेवल पर भी असर पड़ सकता है. अगर आप बच्चों की पिटाई करते हैं तो उनके मन में डर बस जाता है जिसकी वजह से उन्हें एंजायटी का सामना करना पड़ सकता है. इसके साथ उनके पढ़ाई और दोस्ती पर भी बुरा असर पड़ता है. टीनएजर्स की उम्र में बच्चों को डराकर रखने से वह कोई भी बात पैरेंट्स के शेयर नहीं करते हैं. ऐसे में उन्हें किसी भी चीज का खतरा हो सकता है. 

बच्चों के साथ कैसे करें बर्ताव?

ऐसे में माता-पिता को समझना बेहद जरूरी है कि बच्चों से गलती हो सकती है. बच्चे ही नहीं कई बार बड़े भी गलती कर देते हैं. अगर कभी भी टीनएजर्स अनजाने में गलती करते हैं तो पिटाई करने की जगह उन्हें समझा सकते हैं. इसके साथ उन्हें गलतियां समझने और ठीक करने का मौका दें. बचपन से ही बच्चों को सही और गलत में फर्क सिखाएं. बच्चों को अच्छा काम करने के लिए इंस्पायर करते रहें. बता दें, अगर आप टीनएजर्स की पिटाई करते हैं तो वह सुधरने की जगह बिगड़ जाते हैं.