नई दिल्ली: मशहूर अर्थशास्त्री प्रोफेसर जेफरी सैक्स ने अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका जिस 'नियमों पर आधारित विश्व व्यवस्था' की बात करता है, वह हकीकत नहीं बल्कि एक कल्पना जैसी कहानी है. प्रोफेसर सैक्स का मानना है कि अमेरिका की विदेश नीति पूरी तरह से ताकत और दबाव पर आधारित है, न कि अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों पर.
रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वेनेजुएला पर अपनी गवाही देने के बाद जेफरी सैक्स ने राष्ट्रपति ट्रंप को 'पूरी तरह बेकाबू' बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका असल में एक ऐसे सैन्य तंत्र द्वारा चलाया जा रहा है, जिसे अक्सर 'डीप स्टेट' कहा जाता है. उनके मुताबिक यह सिस्टम संविधान की सीमाओं से बाहर जाकर फैसले लेता है और विदेश नीति को नियंत्रित करता है.
प्रोफेसर सैक्स ने खुलासा किया कि ट्रंप ने करीब आठ साल पहले लैटिन अमेरिकी नेताओं से यह तक पूछ लिया था कि वेनेजुएला पर सीधे हमला क्यों नहीं किया जा सकता? उन्होंने कहा कि अमेरिका पिछले दो दशकों से वेनेजुएला की सरकार को गिराने की कोशिश करता रहा है. वजह यह है कि वहां की सरकार वामपंथी है और अमेरिकी तेल कंपनियों को मनचाहा फायदा नहीं देती. इस दौरान तख्तापलट की कोशिशें, विरोध प्रदर्शन भड़काना, कड़े आर्थिक प्रतिबंध और यहां तक कि सैन्य कार्रवाई की धमकियां दी गई.
अब प्रोफेसर सैक्स की सबसे गंभीर चेतावनी ईरान को लेकर है. उनका कहना है कि वेनेजुएला के बाद ईरान ट्रंप का अगला सैन्य निशाना हो सकता है. उन्होंने साफ कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो यह वेनेजुएला से कहीं ज्यादा खतरनाक साबित होगा. इसकी वजह यह है कि ईरान के पास उन्नत हथियार हैं, जिनमें हाइपरसोनिक मिसाइलें भी शामिल हैं, जो भारी तबाही मचा सकती हैं.
उन्होंने यह भी दावा किया कि इजरायल ईरान को लेकर बेहद आक्रामक सोच रखता है और वहां की सरकार को हटाना चाहता है. सैक्स के अनुसार अमेरिका कई ऐसे कारणों से, जो पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, इजरायल के दबाव में काम करता है. उनका कहना है कि अमेरिका अक्सर वही लड़ाइयां लड़ता है, जिनके लिए इजरायल उसे उकसाता है और यही स्थिति बेहद खतरनाक है.
प्रोफेसर सैक्स ने बताया कि हाल ही में नए साल के आसपास इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप से मार-ए-लागो में मुलाकात की थी. इसके बाद एक बयान में यह संकेत दिया गया कि अब ईरान की बारी आ सकती है. ट्रंप ने भी कहा था कि अगर ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार सख्ती दिखाती है, तो अमेरिका पूरी तरह तैयार है.
जेफरी सैक्स ने चेतावनी दी कि मानवाधिकारों के नाम पर ईरान पर हमला करने की कोशिश एक पुराना और खतरनाक तरीका है. उनके मुताबिक अगर ऐसा हुआ, तो यह एक बड़े वैश्विक टकराव में बदल सकता है. ईरान कई बड़ी ताकतों के बीच स्थित है, इजरायल परमाणु शक्ति संपन्न देश है और ऐसे में किसी भी तरह का युद्ध पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है.