रंगों की आड़ में खतरा! होली पर आंखों को ऐसे बचाएं केमिकल वाले कलर से, फॉलो करें ये टिप्स
होली पर इस्तेमाल होने वाले केमिकल रंग आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं. इनमें मौजूद हानिकारक तत्व जलन, एलर्जी और गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं.
नई दिल्ली: होली खुशियों और रंगों का त्योहार है, लेकिन इन रंगों के पीछे छिपा खतरा अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. बाजार में मिलने वाले कई रंगों में सस्ते केमिकल मिलाए जाते हैं, जो त्वचा के साथ-साथ आंखों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं. खासकर बच्चों और बुजुर्गों की आंखें ज्यादा संवेदनशील होती हैं. ऐसे में थोड़ी सी असावधानी बड़ी परेशानी बन सकती है.
नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार होली के दौरान आंखों में जलन, लालिमा और पानी आने की शिकायतें बढ़ जाती हैं. कई मामलों में संक्रमण इतना गंभीर हो जाता है कि इलाज की जरूरत पड़ती है. इसलिए त्योहार की मस्ती में आंखों की सुरक्षा को नजरअंदाज करना समझदारी नहीं है. सही जानकारी और सावधानी अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
आंखों को बचाने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
होली खेलते समय धूप का चश्मा या पारदर्शी गॉगल्स पहनना सबसे आसान और असरदार तरीका है. इससे रंग सीधे आंखों में नहीं पहुंचते. अगर रंग चला भी जाए तो तुरंत आंखें रगड़ने की बजाय साफ और ठंडे पानी से धोएं. कॉन्टैक्ट लेंस लगाने से बचें, क्योंकि इनमें रंग फंस सकता है. बच्चों को खेलते समय विशेष निगरानी में रखें और उन्हें सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दें.
प्राकृतिक रंगों का करें चयन
बाजार के सस्ते रंगों की जगह घर पर बने या भरोसेमंद ब्रांड के हर्बल रंगों का उपयोग करें. हल्दी, गुलाब की पंखुड़ियां और चुकंदर जैसे प्राकृतिक स्रोतों से बने रंग आंखों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित होते हैं. पैकेट पर सामग्री जरूर पढ़ें और खुले में बिक रहे बिना लेबल वाले रंगों से दूरी रखें. इससे आंखों में एलर्जी और जलन की संभावना काफी कम हो जाती है.
रंग लग जाए तो क्या करें
अगर आंखों में रंग चला जाए तो घबराएं नहीं. सबसे पहले साफ पानी से कई बार आंखें धोएं. गुलाबजल या किसी भी केमिकल ड्रॉप का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के न करें. यदि जलन, दर्द या धुंधला दिखाई देना जारी रहे तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें. देरी करने पर संक्रमण बढ़ सकता है. घरेलू नुस्खों की बजाय चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता दें.
बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ध्यान
बच्चों की आंखें बेहद नाजुक होती हैं और वे अक्सर सावधानी नहीं बरतते. उन्हें तेज रंगों से दूर रखें और समझाएं कि किसी के चेहरे पर जबरदस्ती रंग न लगाएं. बुजुर्गों को भी चश्मा पहनकर ही बाहर निकलना चाहिए. यदि पहले से आंखों की कोई समस्या है तो भीड़भाड़ और पानी वाले रंगों से बचना बेहतर रहेगा.
सुरक्षित होली ही सच्ची खुशी
त्योहार का असली आनंद तभी है जब सेहत सुरक्षित रहे. आंखें हमारे शरीर का अनमोल हिस्सा हैं और थोड़ी सी लापरवाही बड़ी परेशानी में बदल सकती है. इसलिए होली खेलते समय उत्साह के साथ सतर्कता भी जरूरी है. सुरक्षित तरीके से रंगों का आनंद लें और दूसरों को भी जागरूक करें. यही जिम्मेदार और खुशहाल होली की पहचान है.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.