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आंखों में इंफेक्शन और कंजंक्टिवाइटिस में क्या है अंतर? इस लक्षणों से करें इसकी पहचान

बदलते मौसम के बीच आंखों में इंफेक्शन होना अधिकांश देखा जाता है. कई बार तो ऐसा भी हो जाता है कि आंख में एलर्जी है या कंजैक्टिवाइटिस लोगों कुछ समय ही नहीं आता. जिसको जानने और समझने के लिए इन चिजों का ध्यान रखना चाहिए.

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Suraj Tiwari
आंखों में इंफेक्शन और कंजंक्टिवाइटिस में क्या है अंतर? इस लक्षणों से करें इसकी पहचान

नई दिल्ली : बदलते मौसम के बीच आंखों में इंफेक्शन होना अधिकांश देखा जाता है. कई बार तो ऐसा भी हो जाता है कि आंख में एलर्जी है या कंजैक्टिवाइटिस लोगों कुछ समय ही नहीं आता. जिसको जानने और समझने के लिए इन चिजों का ध्यान रखना चाहिए.

आंखों में एलर्जी

आंखों में एलर्जी हो या कंजंक्टिवाइटिस में आंख का रंग सामान्यत: गुलाबी हो जाता है. दोनों ही एक सामान ही होता है. आंखों में एलर्जी आंख में केमिकल जाना, आंख में इफेक्शन होना के कारण होता है. एलर्जी से बचने के लिए आप अपने आंखों के साफ-सफाई का ध्यान रखे. इसके साथ ही अगर आपके आंखों में कोई पॉब्लम हो रही हो जैसे कि खुजली या पानी आ रहा हो तो ऐसे में आपको अपने पेट को छुने से बचना चाहिए.
आंख में एलर्जी के लक्षण
आंखों का धुंधला दिखाई देना, आखों में खुजली होना, पलकों सूजन होना, आंखों में जलन होना इत्यादि.

एलर्जी होने पर करें ये उपाय

आंखों में एलर्जी होने पर आप इन उपायों से आराम पा सकते हैं-
डॉक्टर के पास जाकर चेकअप करवाएं और जरुरत होने पर दवा जरुर लें.
आंख में एलर्जी को दूर करने के लिए कोल्ड कंप्रेस फायदेमंद माना जाता है लेकिन डॉक्टर की सलाह पर ही इसका प्रयोग करना चाहिए.
आंख में एलर्जी होने पर आपको आंखों का विशेष ध्यान रखना है.
एलर्जी होने पर उसे कवर करने के लिए ग्लासेस का इस्तेमाल कर सकते हैं.
इंफेक्शन होने के दौरान साफ तौलिए का इस्तेमाल करना चाहिए.
आंखों को छूने से बचना चाहिए.

कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण

कंजंक्टिवाइटिक्स आंख के सफेद हिस्से पर ज्यादा असर डालता है. इसमें आंख पूरी तरह गुलाबी भी हो जाती है. इस दौरान आंखों में लालपन की समस्या हो सकती है. 
आंख आने की समस्या हो सकती है. 
आंख आने के दौरान खुजली या सनसनी हो सकती है.
आंखों से लिक्विड निकलने लगता है साथ ही आंख आने पर जलने की समस्या भी होने लगती है.

बचाव कैसे करें

आंख आने या कंजंक्टिवाइटिस की स्थिति में आंखों को छूने से बचना चाहिए साथ ही साफ हाथों से सफाई करनी चाहिए. आंखों को 6 महीने के अंतराल पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए, जिससे बिमारी पकड़ में आने में फायदे मंद होता है.

किसी भी हाल में डॉक्टर का परामर्श जरुर लें, इंफेक्शन के लक्षणों की पहचान होते ही इलाज सही तरीके से कराएं

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