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ठिठुरन से पहले सावधानी की गर्म चादर, हीटर ऑन करने से पहले जरूर जांच लें ये 7 सुरक्षा कवच

ठंड में रूम हीटर राहत देता है, लेकिन इस्तेमाल से पहले सुरक्षा जांच अनिवार्य है. हीटर के तार, प्लग, वेंटिलेशन, ओवरहीटिंग प्रोटेक्शन, साफ-सफाई, स्थिर सतह और पावर लोड की जांच संभावित हादसों को रोकती है.

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Edited By: Reepu Kumari
ठिठुरन से पहले सावधानी की गर्म चादर, हीटर ऑन करने से पहले जरूर जांच लें ये 7 सुरक्षा कवच
Courtesy: Pinterest

सर्दी अपने चरम पर है और घरों में रूम हीटर का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है. लेकिन हीटर की हल्की सी लापरवाही भारी हादसे की वजह बन सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि हीटर चालू करने से पहले कुछ जरूरी जांच आपकी सुरक्षा तय करती है.

सही तैयारी न केवल बिजली बचाती है, बल्कि आग, शॉर्ट सर्किट और सेहत से जुड़े जोखिम भी कम करती है. इसलिए हीटर ऑन करने से पहले 7 अहम चीजों को चेक करना बेहद जरूरी है. ये छोटी आदत बड़ी सुरक्षा दे सकती है.

1. हीटर की वायरिंग और केबल की स्थिति

सबसे पहले हीटर की वायरिंग और केबल को ध्यान से देखें. अगर तार कटे, पिघले या कहीं से नंगे दिखें, तो हीटर चालू न करें. खराब तार शॉर्ट सर्किट और आग का बड़ा कारण बनते हैं. हीटर केबल को मोड़कर या दबाकर न रखें, इससे हीटिंग के दौरान इंसुलेशन कमजोर होता है. पुराने या सख्त हो चुके तार भी जोखिम बढ़ाते हैं. किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखे, तो तकनीशियन से जांच करवाएं. सुरक्षा के लिए हीटर के साथ आने वाली ओरिजिनल केबल का ही इस्तेमाल करें.

2. प्लग, सॉकेट और अर्थिंग की जांच

हीटर हमेशा मजबूत सॉकेट में लगाएं. ढीले सॉकेट से स्पार्किंग होती है, जो आग का कारण बन सकती है. सॉकेट में अर्थिंग सही होनी चाहिए, वरना करंट लगने का खतरा रहता है. मल्टी-प्लग एक्सटेंशन पर हीटर न चलाएं, इससे लोड बढ़ता है और ओवरहीटिंग हो सकती है. प्लग पर कालापन या जलने के निशान दिखें, तो तुरंत बदल दें. अच्छी अर्थिंग हीटर को वोल्टेज फ्लक्चुएशन से भी बचाती है.

3. ओवरहीट प्रोटेक्शन और थर्मोस्टेट फंक्शन

हीटर में ओवरहीट प्रोटेक्शन और थर्मोस्टेट का सही काम करना जरूरी है. ये फीचर तापमान ज्यादा होने पर हीटर को ऑटो कट करते हैं. अगर हीटर बहुत जल्दी या बहुत देर बाद कट हो रहा है, तो थर्मोस्टेट में समस्या हो सकती है. इसे अनदेखा करने से हीटर का तापमान खतरनाक स्तर तक जा सकता है. ऑटो कट-ऑफ फीचर का टेस्ट करें और मैनुअल में दिए निर्देश जरूर पढ़ें.

4. वेंटिलेशन और कमरे में ऑक्सीजन का प्रवाह

हीटर चलाते समय कमरे में वेंटिलेशन बेहद जरूरी है. बंद कमरे में लंबे समय तक हीटर चलाने से ऑक्सीजन कम हो सकती है और घुटन, सिरदर्द या चक्कर जैसी समस्या हो सकती है. खिड़की या दरवाजा हल्का खुला रखें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे. खासकर कॉइल या फैन-हीटर ऑक्सीजन स्तर को प्रभावित कर सकते हैं. स्वस्थ माहौल के लिए हवा का संतुलन बनाए रखना जरूरी है.

5. हीटर की सफाई और धूल का जमाव

हीटर में धूल जमने से हीटिंग दक्षता घटती है और जलने की गंध या आग का खतरा बढ़ता है. कॉइल और फैन में धूल जमा हो, तो एयरफ्लो बाधित होता है और हीटर ओवरहीट हो सकता है. हीटर को साफ सूखे कपड़े या ब्रश से साफ करें. पानी या गीले कपड़े का इस्तेमाल न करें. सफाई से बिजली की खपत भी कम होती है और हीटर की उम्र बढ़ती है.

6. स्थिर सतह और ज्वलनशील चीजों से दूरी

हीटर को हमेशा समतल और स्थिर सतह पर रखें. इसे बेड, सोफा, कार्पेट या लकड़ी की अस्थिर सतह पर रखने से गिरने का खतरा बढ़ता है. हीटर के पास पर्दे, कागज, कपड़े, रजाई, स्प्रे या ज्वलनशील सामग्री न रखें. कम से कम 3 फीट की दूरी बनाएं. यह आग के जोखिम को काफी कम करता है.

7. घर की बिजली क्षमता और पावर लोड

हीटर ज्यादा बिजली खींचता है, इसलिए घर की बिजली क्षमता चेक करें. अगर घर में एक ही सर्किट पर कई भारी उपकरण चल रहे हों, तो हीटर का अतिरिक्त लोड सर्किट को गर्म कर सकता है. इससे एमसीबी ट्रिप या वायरिंग में आग लग सकती है. हीटर को अलग सर्किट पर चलाना सुरक्षित होता है.