भारत में खानपान की बात हो तो सबसे पहले कार्बोहाइड्रेट और स्वाद दिमाग में आते हैं. दाल-चावल, रोटी-सब्जी और बिरयानी हमारे भोजन की पहचान रहे हैं. लेकिन बदलती जीवनशैली, फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्वास्थ्य चिंताओं के बीच प्रोटीन अब चर्चा के केंद्र में है. आम धारणा है कि पर्याप्त प्रोटीन पाने के लिए महंगे सप्लीमेंट या नॉनवेज जरूरी हैं, जबकि सच्चाई यह है कि रोजमर्रा का भारतीय भोजन भी यह जरूरत पूरी कर सकता है.
अक्सर माना जाता है कि एक पारंपरिक भारतीय डिश से पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता. सच यह है कि समस्या डिश में नहीं, बल्कि संयोजन में है. जब एक ही थाली में दो या तीन प्रोटीन-समृद्ध चीजे शामिल की जाती हैं, तो कुल मात्रा आसानी से 50 ग्राम तक पहुंच सकती है. थोड़ा सा प्लानिंग और समझदारी भरा चुनाव आपकी रोज की डाइट को संतुलित बना सकता है.
शाकाहारियों के लिए पनीर सबसे लोकप्रिय प्रोटीन स्रोतों में से एक है. 100 ग्राम पनीर में करीब 18 ग्राम प्रोटीन होता है. वहीं एक बड़ी कटोरी दाल लगभग 15 ग्राम प्रोटीन देती है. अगर पनीर की मात्रा 200 ग्राम कर दी जाए, तो यह संयोजन 50 ग्राम से अधिक प्रोटीन दे सकता है. पनीर सब्जी, दाल और रोटी की थाली स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाती है.
सोया चंक्स भारतीय रसोई में मौजूद सबसे अधिक प्रोटीन देने वाले खाद्य पदार्थों में से हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल कम होता है. 100 ग्राम सूखे सोया चंक्स में लगभग 52 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है. एक भरपूर कटोरी सोया चंक्स की सब्जी या पुलाव ही पूरे भोजन का प्रोटीन लक्ष्य पूरा कर सकता है, खासकर शाकाहारियों के लिए.
राजमा सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि पोषण से भरपूर भी है. एक कप पके राजमा से करीब 15 ग्राम प्रोटीन मिलता है. अगर इसके साथ 200 ग्राम पनीर का सलाद जोड़ दिया जाए, तो कुल प्रोटीन 50 ग्राम से ऊपर पहुंच जाता है. यह संयोजन पेट भरने के साथ-साथ लंबे समय तक ऊर्जा भी देता है.
जो लोग अंडा खाते हैं, उनके लिए अंडे और मूंग दाल चीला बेहतरीन विकल्प है. चार अंडों से लगभग 24 ग्राम और दो मूंग दाल चीलों से करीब 16 ग्राम प्रोटीन मिलता है. साथ में छाछ जोड़ने पर यह मात्रा लगभग 50 ग्राम तक पहुंच जाती है. वहीं क्विनोआ, काला चना और दही जैसे आधुनिक विकल्प भी सही मात्रा में मिलाकर अच्छा प्रोटीन दे सकते हैं.
प्रोटीन सिर्फ जिम जाने वालों के लिए नहीं है. यह मांसपेशियों की मरम्मत, रोग प्रतिरोधक क्षमता, बालों और त्वचा की सेहत, स्वस्थ उम्र बढ़ने और भूख नियंत्रण में अहम भूमिका निभाता है. सामान्य तौर पर एक वयस्क को अपने वजन के प्रति किलो 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन चाहिए. यानी 60 किलो वजन वाले व्यक्ति के लिए 50 से 60 ग्राम प्रोटीन रोजाना जरूरी है.