पटना: किसी प्रतियोगी परीक्षा में असफल होना आसान नहीं होता, लेकिन उसी असफलता के बाद खुद को संभालकर दोबारा आगे बढ़ना असली चुनौती है. बिहार की रितिका ने इसी जज्बे की मिसाल पेश की है. UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में 2023 और 2024 में मामूली अंतर से चूकने के बाद भी उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी. मुश्किल दौर के बीच उन्होंने BPSC 70वीं परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का पद पाया. लेकिन रितिका की मंजिल अभी बाकी थी.
BPSC में 269वीं रैंक हासिल करने के बाद उन्होंने UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा की तैयारी जारी रखी. लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के बाद जारी अंतिम परिणाम में रितिका ने ऑल इंडिया रैंक 12 हासिल कर ली. लगातार प्रयास, धैर्य और असफलता के बावजूद लक्ष्य पर टिके रहने की उनकी कहानी उन अभ्यर्थियों के लिए खास संदेश देती है, जो एक-दो नाकामियों के बाद तैयारी छोड़ने का मन बना लेते हैं.
कई अभ्यर्थियों के लिए लगातार दो बार असफल होना हौसला तोड़ने वाला पल हो सकता है, लेकिन रितिका ने इसे अपनी मंजिल के रास्ते की रुकावट नहीं बनने दिया. बिहार की रहने वाली रितिका ने UPSC CSE 2023 और 2024 मेंस परीक्षा दी, लेकिन दोनों बार बेहद कम अंतर से सफलता से चूक गईं. इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और प्रतियोगी परीक्षाओं में अपना सफर आगे बढ़ाया.
रितिका का परिवार शिक्षा और सरकारी सेवा से जुड़ा रहा है. उनके पिता केंद्रीय सचिवालय में प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. पढ़ाई के अनुकूल माहौल ने उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित किया. रितिका ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से बीएससी फिजिकल साइंस में स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की.
रितिका के लिए मुश्किल वक्त तब आया, जब UPSC CSE मेंस का परिणाम आया और वह लगातार दूसरी बार सफल नहीं हो सकीं. खास बात यह थी कि रिजल्ट के महज दो दिन बाद BPSC 70वीं प्रारंभिक परीक्षा होनी थी. ऐसे समय में निराश होकर रुकने के बजाय रितिका ने खुद को संभाला और परीक्षा देने पहुंचीं. उनका यही फैसला आगे चलकर बड़ी सफलता की वजह बना और उन्होंने पहली कोशिश में BPSC क्रैक कर लिया.
BPSC 70वीं परीक्षा में रितिका ने 269वीं रैंक हासिल की. इस सफलता के साथ उनका चयन स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर के पद के लिए हुआ. पहली ही कोशिश में BPSC पास करना उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला पड़ाव रहा. UPSC में मिली लगातार दो असफलताओं के बाद यह उपलब्धि बताती है कि एक परीक्षा का परिणाम किसी अभ्यर्थी की पूरी क्षमता तय नहीं करता. रितिका ने इसी सोच के साथ अपनी आगे की तैयारी जारी रखी.
BPSC में सफलता के बाद भी रितिका का लक्ष्य यहीं खत्म नहीं हुआ. उन्होंने 2024 और 2025 में UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट की लिखित परीक्षा में सफलता हासिल की. इसके बाद मई में उन्होंने CAPF AC के इंटरव्यू में हिस्सा लिया और अंतिम परिणाम का इंतजार किया. UPSC ने CAPF AC 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी किया तो रितिका ने ऑल इंडिया रैंक 12 हासिल की. उनकी कहानी बताती है कि लगातार प्रयास और धैर्य से असफलता को सफलता में बदला जा सकता है.